**आगर-मालवा।** पांच परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवा समाप्ति का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कार्रवाई के विरोध में पटवारियों का धरना शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी पटवारी काले कपड़े पहनकर धरने पर बैठे और सेवा बहाली की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। धरने में महिला पटवारी भी हाथों में तख्तियां लेकर शामिल हुईं। शाम को जिला प्रशासन ने पटवारी संघ के प्रतिनिधियों से चर्चा कर गतिरोध दूर करने की कोशिश की, लेकिन खबर लिखे जाने तक सहमति नहीं बन सकी थी।
**स्वामित्व योजना के काम में लापरवाही का आरोप**
पूरा मामला स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेखों के निष्पादन और पंजीयन कार्य में कथित लापरवाही से जुड़ा है। इसी आधार पर पांच परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। पटवारी संघ का कहना है कि कार्य के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया और सीधे दंडात्मक कार्रवाई कर दी गई। संघ सेवा समाप्ति के फैसले को वापस लेने और पांचों पटवारियों की सेवा बहाल करने की मांग पर अड़ा है। वहीं, प्रशासन और संघ प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने के प्रयास जारी हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वार्ता से कोई रास्ता निकलता है या पटवारियों का आंदोलन आगे भी जारी रहता है।