घट स्थापना के साथ शारदीय नवरात्रि की होती है शुरुआत

दशरथपुर इटवा( मुंगेर) दिनांक 11 अक्टूबर 2026 दिन रविवार को लोकतंत्र की आवाज दैनिक डिजिटल अखबार के ब्यूरो चीफ मुंगेर अनोज कुमार सिंह ने बातचीत के दौरान बताया कि शारदीय नवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म में शक्ति और भक्ति का सबसे बड़ा और पावन उत्सव माना जाता है! यह पर्व हर वर्ष आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक मनाया जाता है!
कथा और मान्यता, पौराणिक कथाओं के अनुसार मां दुर्गा ने महिषासुर का वध करके अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय प्राप्त की थी ,इसके अलावा भगवान प्रभु श्री राम ने लंका पर आक्रमण करने से पहले समुद्र तट पर 9 दिनों तक मां चंडी की उपासना की थी जिसके बाद उन्हें विजय श्री मिली थी ! नवरात्रि के पहले दिन प्रतिपदा तिथि को विधि विधान से घट स्थापना की जाती है, मां दुर्गा का आवाहन किया जाता है, नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की उपासना की जाती है!
नवरात्रि के इन नौ दिनों में मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा ,कूष्मांडा, स्कंदमाता, कालित्यनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा होती है !भक्तगण इन दोनों व्रत, उपवास मां दुर्गा सप्तशती का पाठ, भजन कीर्तन और आरती करते हैं! अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन और हवन का विशेष विधान होता है!
यह पर्व केवल धार्मिक उल्लास लेकर आता है, बल्कि समाज में सकारात्मक, संयम और नई ऊर्जा का भी संचार करता है! दशमी तिथि को दशहरा के पावन पर्व के साथ इस उत्सव का समापन होता है!
लोकतंत्र की आवाज दैनिक डिजिटल अखबार मुंगेर के ब्यूरो चीफ अनोज कुमार सिंह ने अपने समस्त मुंगेर जिला वासियों से निवेदन किया कि दशहरा पूजा के पावन पर्व को बड़े उमंग और आपसी भाईचारे ,सौहार्दपूर्ण एवं शांति तरीके से गंगा जमुनी की मिसाल पेश करते हुए समस्त जिलेवासी इस त्यौहार को मनाए!
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