नगर परिषद अध्यक्ष कुशल सिंह के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है

चार करोड़ की सीसी सड़क पर उठे सवाल! दो बार कोर कटिंग के बाद भी भुगतान अटका, अधूरे निर्माण से जनता बेहाल
उमरिया जिले के नौरोजाबाद में लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से बन रही सीसी सड़क का निर्माण कार्य विवादों में घिरता नजर आ रहा है। सड़क का निर्माण अधूरा होने से नगरवासी और व्यापारी परेशान हैं, वहीं भुगतान में देरी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि नगर परिषद अध्यक्ष कुशल सिंह के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण ठेकेदार के भुगतान की प्रक्रिया अटकी हुई है। सड़क की गुणवत्ता जांच के लिए दो बार कोर कटिंग कराए जाने की बात भी सामने आई है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर भुगतान क्यों रुका है और नौरोजाबाद की जनता को अधूरी सड़क से कब राहत मिलेगी?
नौरोजाबाद नगर में लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही सीसी सड़क का अधूरा निर्माण अब आम जनता के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जगह-जगह अधूरे निर्माण के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।
भुगतान अटका, निर्माण कार्य पर असर!
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह सामने आ रही है कि सड़क निर्माण कार्य का भुगतान अब तक लंबित है। बताया जा रहा है कि नगर परिषद अध्यक्ष कुशल सिंह के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। वहीं, संबंधित ठेकेदार द्वारा अब तक एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्माण कार्य में खर्च किए जाने की बात कही जा रही है। भुगतान में देरी के चलते निर्माण कार्य प्रभावित होने की चर्चा भी है।
दो बार कोर कटिंग, फिर भी सवाल बरकरार!
सड़क की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांचने के लिए दो बार कोर कटिंग कराई गई है। अब यह जानना जरूरी है कि कोर कटिंग की रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आए और भुगतान की प्रक्रिया किस वजह से रुकी हुई है। इन सवालों पर संबंधित अधिकारियों और नगर परिषद अध्यक्ष का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण है।
वहीं, नगर परिषद उपाध्यक्ष और 14 पार्षदों की ओर से भी इस मामले को लेकर चिंता जताए जाने की चर्चा है। ऐसे में सड़क निर्माण, गुणवत्ता जांच और भुगतान की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से सामने लाने की जरूरत है।
जनता पूछ रही है सवाल!
आखिर चार करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क का निर्माण समय पर पूरा क्यों नहीं हो पा रहा है? यदि सड़क की गुणवत्ता जांच कराई गई है, तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है? भुगतान की फाइल किस स्तर पर लंबित है और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या हैं?
नगरवासियों को बेहतर सड़क और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलनी चाहिए। इसलिए जरूरी है कि संबंधित अधिकारी पूरे मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करें, भुगतान में देरी के कारणों का खुलासा करें और अधूरे निर्माण को जल्द पूरा कराने के लिए ठोस कदम उठाएं।
फिलहाल, नौरोजाबाद की जनता को इंतजार है कि चार करोड़ रुपये की इस सड़क का निर्माण कब पूरा होगा और जिम्मेदार लोगों की ओर से इन सवालों का जवाब कब दिया जाएगा।
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