नगर पालिका का नया कारनामा: कागजों पर ‘निस्तारण’, धरातल पर अवैध कब्जे का ‘विस्तार’!

अजीत मिश्रा (खोजी)
ईओ साहब! अगर आप मुख्यमंत्री की भी नहीं सुनेंगे, तो आखिर किसकी सुनेंगे?
- ईओ साहब की दबंगई या बेपरवाही? एसडीएम की रिपोर्ट दरकिनार, 13 फीट का अतिक्रमण बरकरार!
- मुख्यमंत्री के आदेश को ठेंगा! बस्ती नगर पालिका में अफसरों की ‘कुंभकर्णी नींद’ कब टूटेगी?
- मालवीय रोड पर ‘सरकारी सरपरस्ती’ में अवैध कब्जा? जांच में सच साबित, फिर भी कार्रवाई सिफर!
- जब ‘योगी जी’ के फरमान पर भी नहीं जागते अफसर, तो आम जनता की कौन सुनेगा ईओ साहब?
- एसडीएम ने दिया पत्र, तहसीलदार ने दी रिपोर्ट… फिर नगर पालिका क्यों बचा रही है अवैध कब्जा?
- हादसों का इंतजार कर रहा प्रशासन? 13 फीट सड़क पर कब्जा, राहगीरों की जान जोखिम में!
नायब तहसीलदार से लेकर एसडीएम सदर तक की जांच रिपोर्ट में मालवीय रोड पर 13 फीट का अवैध कब्जा हुआ साबित, फिर भी नगर पालिका व बीडीए की चुप्पी पर उठ रहे गंभीर सवाल
बस्ती (विशेष संवाददाता):
जिले में नगर पालिका और प्रशासन का रवैया इस कदर बेपरवाह हो चुका है कि आम जनता का प्रशासनिक व्यवस्था से भरोसा उठता जा रहा है। एक तरफ जहाँ शहर में अतिक्रमण के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जनसुनवाई और जांच रिपोर्ट आने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन अपनी कुंभकर्णी नींद से जागने को तैयार नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
मालवीय रोड स्थित ‘बादशाह मैरिज हॉल / टॉकीज’ से लेकर पेट्रोल पंप तक अवैध निर्माण और अतिक्रमण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिकायतकर्ता (सरदार कुलवेंद्र सिंह) द्वारा की गई शिकायत के बाद नायब तहसीलदार सदर के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षकों की टीम ने स्थलीय और अभिलेखीय निरीक्षण किया।
जांच आख्या (IGRS No. 12185260098359) के अनुसार:
- मालवीय रोड की आधिकारिक चौड़ाई 100 फीट (30 मीटर) निर्धारित है।
- नियमानुसार सड़क के मध्य से दोनों तरफ 50-50 फीट जगह छोड़कर ही निर्माण किया जा सकता है।
- परंतु मौके पर जांच करने पर पाया गया कि बादशाह मैरिज हॉल से लेकर पेट्रोल पंप तक मध्य से केवल 37 फीट छोड़कर ही निर्माण करा लिया गया है।
- इस प्रकार स्पष्ट रूप से 13 फीट सड़क की जमीन पर सीधा अतिक्रमण पाया गया है।
मुख्यमंत्री से लेकर आलाधिकारियों तक फरियाद, लेकिन नतीजा ‘सिफर’
हैरानी की बात यह है कि इस अतिक्रमण को हटवाने के लिए आवेदक को मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (नगर विकास), कमिश्नर और जिलाधिकारी बस्ती तक का दरवाजा खटखटाना पड़ा। शासन स्तर से पत्राचार होने और एसडीएम सदर द्वारा जांच रिपोर्ट के साथ नगर पालिका बस्ती व बस्ती विकास प्राधिकरण (BDA) को नियमानुसार कार्रवाई के लिए निर्देशित किए जाने के बाद भी धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

हादसों को न्योता देता अतिक्रमण
बादशाह टॉकीज/सिनेमा हॉल के पास इस 13 फीट के अवैध निर्माण की वजह से आने-जाने वाले लोगों और वाहनों के लिए मोड़ पर भारी खतरा बना रहता है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं (एक्सीडेंट) हो रही हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
फर्जी आख्या लगाकर खानापूर्ति का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि नगर पालिका कार्यालय में बैठकर कागजों पर ‘झूठी रिपोर्ट’ लगाकर शिकायतों को निस्तारित दिखा दिया जाता है। अगर जिम्मेदार विभाग ही अवैध कब्जा करने वालों को संरक्षण देंगे, तो भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों का मनोबल बढ़ना लाजमी है।
बड़ा सवाल:
जब एसडीएम की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से नगर पालिका बस्ती और बस्ती विकास प्राधिकरण को अतिक्रमण हटाने के लिए अधिकृत व निर्देशित किया जा चुका है, तब भी ईओ (अधिशासी अधिकारी) और बीडीए की ओर से बुलडोजर चलना तो दूर, एक नोटिस तक क्यों जारी नहीं हुआ? क्या नगर पालिका प्रशासन खुद को शासन व मुख्यमंत्री के निर्देशों से भी ऊपर समझता है?
निराश होकर शिकायतकर्ता ने अब माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दाखिल करने और पुनः मुख्यमंत्री से ईओ के खिलाफ सीधी कार्रवाई की मांग करने का मन बना लिया है। देखना यह होगा कि इस तीखे प्रशासनिक रवैये के बाद नगर पालिका की नींद खुलती है या जनता यूं ही हादसों का शिकार होती रहेगी।
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