दोपहर 1:45 बजे आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वीरपुर में नहीं मिला कोई डॉक्टर, नर्स या फार्मासिस्ट! स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे गंभीर सवाल

वीरपुर, ब्लॉक घाटीगांव, जिला ग्वालियर | दिनांक: 14 अक्टूबर 2026
ग्वालियर जिले के घाटीगांव ब्लॉक अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वीरपुर में दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को दोपहर लगभग 1:45 बजे अचानक निरीक्षण किए जाने पर स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान परिसर में कोई डॉक्टर, स्टाफ नर्स अथवा फार्मासिस्ट उपस्थित नहीं मिला। स्थिति ऐसी थी कि मरीजों को देखने, चिकित्सकीय परामर्श देने और दवाइयाँ उपलब्ध कराने के लिए कोई भी संबंधित स्वास्थ्यकर्मी मौके पर मौजूद नहीं था।
यदि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में निर्धारित समय के दौरान स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध नहीं हैं, तो आम नागरिकों को समय पर उपचार कैसे मिलेगा? विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थानीय नागरिक सामान्य बीमारियों के उपचार, दवाइयों और प्राथमिक चिकित्सा के लिए निर्भर रहते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावित होना आम जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
इस संबंध में जिला स्वास्थ्य अधिकारी श्री एम.एस. सागर, ग्वालियर को फोन के माध्यम से सूचना देने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे फोन पर संपर्क नहीं हो सका।
इस घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली, कर्मचारियों की उपस्थिति की निगरानी और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग से प्रमुख सवाल
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर, स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति का क्या कारण था?
क्या संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी की जा रही है?
स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को आवश्यक उपचार और दवाइयाँ उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी किसकी है?
जब स्वास्थ्य केंद्र में कोई जिम्मेदार कर्मचारी उपस्थित नहीं मिला, तो मरीजों की शिकायतों और आपातकालीन आवश्यकताओं का समाधान कैसे किया जाएगा?
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग है कि दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1:45 बजे की स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जाए। संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका, ड्यूटी रोस्टर तथा अन्य अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। यदि जांच में लापरवाही या निर्धारित ड्यूटी से अनुपस्थिति प्रमाणित होती है, तो नियमानुसार जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वीरपुर में निर्धारित समय के दौरान स्वास्थ्य सेवाएँ सुचारु रूप से उपलब्ध रहें, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को इलाज और दवाइयों के लिए भटकना न पड़े।
जनहित में आवश्यक है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जवाबदेही सुनिश्चित करे और ग्रामीण नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराए।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।






