ग्वालियर के Expert Education Point में दसवीं के छात्र के साथ मारपीट का आरोप, कोचिंग में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

ग्वालियर, 14 अक्टूबर 2026।
ग्वालियर के सिकंदर कंपू क्षेत्र स्थित Expert Education Point में पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को शाम लगभग 7 बजे कोचिंग संस्थान के सामने स्थित मदिरा की दुकान के पास दसवीं कक्षा के छात्र अक्षांश के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोचिंग में पढ़ाई समाप्त होने के बाद शिक्षक कथित तौर पर विद्यार्थियों को अकेला छोड़कर यह कहते हुए चले गए कि वे आराम से बैठकर बातचीत करें और फिर अपने घर चले जाएं, क्योंकि उन्हें जल्दी थी।
आरोप है कि शिक्षक के वहां से जाने के बाद मयंक कुशवाह और शौर्य शर्मा ने आठवीं कक्षा के छात्र अक्षांश को घेर लिया। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की।
बताया गया है कि जब अक्षांश वहां से जाने लगा, तब मयंक कुशवाह ने उसकी साइकिल पकड़ ली और उसे जाने से रोक दिया। इस घटनाक्रम ने विद्यार्थियों के बीच अनुशासन, उनकी सुरक्षा और कोचिंग संस्थान की निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
सूचना देने पर कोचिंग संचालक विक्रम रावत ने जताई शहर से बाहर होने की बात
घटना के बाद कोचिंग संचालक विक्रम रावत को मोबाइल फोन के माध्यम से इसकी सूचना दी गई। आरोप के अनुसार, संचालक ने यह कहते हुए मामले को टाल दिया कि वे शहर से बाहर हैं।
इस घटनाक्रम के संबंध में यह जांच आवश्यक है कि संचालक को घटना की जानकारी कब दी गई, सूचना मिलने के बाद उन्होंने क्या कदम उठाए और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए संस्थान में क्या व्यवस्था थी।
अभिभावक अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण की उम्मीद के साथ कोचिंग संस्थानों में भेजते हैं। ऐसे में पढ़ाई समाप्त होने के बाद विद्यार्थियों को अकेला छोड़ने तथा किसी विवाद की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध न होने के आरोप गंभीरता से जांचे जाने चाहिए।
हालांकि, कोचिंग संचालक की कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण घटना की परिस्थितियों, उनकी भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाना उचित होगा।
पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग
इस मामले में पुलिस प्रशासन से मांग की जाती है कि:
पीड़ित छात्र अक्षांश और उसके अभिभावकों की शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मयंक कुशवाह और शौर्य शर्मा पर लगाए गए मारपीट, गाली-गलौज और रास्ता रोकने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए।
घटना के प्रत्यक्षदर्शी विद्यार्थियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जाएं।
घटनास्थल तथा कोचिंग संस्थान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कराई जाए।
पीड़ित छात्र को चोट आई हो तो उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाए और रिपोर्ट को जांच में शामिल किया जाए।
कोचिंग संचालक विक्रम रावत को दी गई सूचना तथा उसके बाद उठाए गए कदमों की जांच की जाए।
आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।
पीड़ित छात्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
नाबालिग विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि
शिक्षा संस्थानों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पढ़ाई कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित और अनुशासित वातावरण उपलब्ध कराना भी है। किसी भी विद्यार्थी के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार या जबरन रास्ता रोकने जैसी घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
पुलिस प्रशासन से अपेक्षा है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच कर तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों का शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।
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