Haryana : उद्योग की जरूरतों के हिसाब से तैयार होंगे ITI के युवा, हरियाणा के 60 संस्थानों में बदलेगा प्रशिक्षण मॉडल

Sandeep Sharma District Reporter Kurukshetra Haryana
हरियाणा में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को रोजगारपरक शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश की 60 सरकारी आईटीआई को पीएम-सेतु योजना के तहत 12 क्लस्टरों में अपग्रेड किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं के कौशल को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार करना और प्रशिक्षण के बाद रोजगार के अवसर बढ़ाना है। नई व्यवस्था में ITI का प्रशिक्षण केवल पारंपरिक ट्रेड तक सीमित नहीं रहेगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहन, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते क्षेत्रों को पाठ्यक्रमों में शामिल करने की तैयारी है। अगले पांच वर्षों में प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ संस्थानों में तकनीकी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
उद्योगों की भागीदारी से तैयार होगी प्रशिक्षण की रूपरेखा
पीएम-सेतु योजना की खास बात यह है कि इसमें उद्योगों को प्रशिक्षण व्यवस्था से सीधे जोड़ा जाएगा। प्रत्येक क्लस्टर के लिए एक एंकर उद्योग भागीदार होगा, जिसकी 51 प्रतिशत हिस्सेदारी निर्धारित है।
उद्योग भागीदार स्थानीय रोजगार की मांग का आकलन करते हुए पांच साल की प्रशिक्षण और निवेश योजना तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके तहत आईटीआई की कार्यशालाओं और प्रयोगशालाओं को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा।
डिजिटल कक्षाओं की सुविधा बढ़ाने के साथ उद्योग विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली जाएंगी। प्रशिक्षण को अप्रेंटिसशिप और रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा, ताकि युवाओं को पढ़ाई के दौरान ही व्यावहारिक अनुभव मिल सके और उद्योगों को जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध हों।
पांच क्लस्टरों में प्रक्रिया शुरू, एक प्रस्ताव संशोधित
योजना के तहत कुरुक्षेत्र, कलायत, सोनीपत, झज्जर और पलवल क्लस्टरों के प्रस्तावों पर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कुरुक्षेत्र क्लस्टर में कैथल महिला आईटीआई को शामिल करने के लिए संशोधित प्रस्ताव राष्ट्रीय स्तर पर मंजूरी के लिए भेजा गया है।
वहीं, कलायत क्लस्टर को तीन से छह महीने के लिए स्थगित किया गया है। अप्रेंटिसशिप में हरियाणा की मजबूत स्थिति
चंडीगढ़ में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
विभाग के अनुसार, प्रदेश में वर्ष 2016-17 से अब तक 4.73 लाख से अधिक अप्रेंटिस जुड़ चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2016-17 में 5,225 अप्रेंटिस थे, जबकि 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 86,565 हो गई।
चालू वित्त वर्ष में 19 सितंबर तक 51,550 अप्रेंटिस जुड़ चुके थे। प्रति लाख आबादी पर अप्रेंटिस की संख्या भी वर्ष 2017 के 76 से बढ़कर 2026 में 1,814 तक पहुंच गई है।
वर्ष 2022-23 से अब तक प्रदेश में 255 अप्रेंटिसशिप मेले आयोजित किए जा चुके हैं। नई पहल से आईटीआई प्रशिक्षण को आधुनिक तकनीक, उद्योगों की मांग और रोजगार के साथ जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इससे युवाओं के कौशल विकास को गति देने के साथ प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने का रास्ता मजबूत होगा।
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