मां तारा देवी महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक -डॉ प्रेम कुमार

प्रेस विज्ञप्ति
गया, दिनांक – 18 अक्टूबर 2026
माँ तारा देवी महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक : डॉ. प्रेम कुमार
टिकारी के केसपा ग्राम में आयोजित माँ तारा देवी महोत्सव 2026 में शामिल हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की
गया। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार रविवार को टिकारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केसपा में आयोजित माँ तारा देवी महोत्सव 2026 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने माँ तारा देवी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए बिहार सहित पूरे देश की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
अपने संबोधन में डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि माँ तारा देवी महोत्सव के पावन अवसर पर उपस्थित होकर उन्हें अपार प्रसन्नता और आत्मिक संतोष की अनुभूति हो रही है। भारतीय संस्कृति में देवी-देवताओं के प्रति आस्था केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे संस्कारों, जीवन मूल्यों, सामाजिक एकता और नैतिक आदर्शों का आधार है। माँ तारा देवी की आराधना हमें श्रद्धा, शक्ति, करुणा और लोककल्याण की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि बिहार की धरती आध्यात्मिक चेतना, ज्ञान, तपस्या और सांस्कृतिक वैभव की समृद्ध परंपरा के लिए विश्वविख्यात है। गयाजी की पावन भूमि पर भगवान विष्णु की आस्था, भगवान बुद्ध की करुणा और सनातन परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह विरासत पूरी दुनिया को शांति, सद्भाव और मानवता का संदेश देती है।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि माँ तारा देवी महोत्सव जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन हमारी प्राचीन परंपराओं को जीवंत रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी आध्यात्मिक विरासत से जोड़ते हैं। ऐसे आयोजनों से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक समरसता मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम अपनी गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करते हुए विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ें। युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करे, संस्कारों को आत्मसात करे और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दे।
बिहार में विकास की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और आधारभूत संरचना सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रगति के लिए प्रयासरत है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन की दृष्टि से गया और आसपास के क्षेत्रों में अपार संभावनाएँ हैं। इन स्थलों का समुचित विकास होने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध होंगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने सभी नागरिकों से धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने, स्वच्छता को प्राथमिकता देने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि आस्था तभी सार्थक होती है, जब हम अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करते हैं।
डॉ. प्रेम कुमार ने महोत्सव के आयोजकों, मंदिर प्रबंधन समिति, स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि हम सभी को अपनी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा, सामाजिक सद्भाव की मजबूती और विकसित बिहार एवं विकसित भारत के निर्माण के लिए संकल्पित रहना चाहिए।
अंत में उन्होंने माँ तारा देवी से प्रार्थना की कि उनकी कृपा से प्रत्येक परिवार में सुख-समृद्धि आए, युवाओं को सफलता मिले, किसानों के जीवन में खुशहाली आए और बिहार निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे।
रिपोर्टर -त्रिलोकी नाथ गयाजी बिहार
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