KJS सीमेंट प्लांट द्वारा फैलाये जा रहे प्रदूषण से मुक्ति दिलायेगे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री? मैहरवासियों को उम्मीद*

*23 अक्टूबर KJS कंपाउंड में प्रस्तावित आगमन, जनसंवाद के दौरान प्रदूषण की समस्या पर ध्यान आकर्षित करने की उम्मीद*
मां शारदा की नगरी मैहर में औद्योगिक गतिविधियों और प्रदूषण को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठते रहे हैं। खासकर रेलवे साइडिंग पर KJS सीमेंट प्लांट से जुड़ी सामग्री की लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान धूल और प्रदूषण की आशंका को लेकर लोगों की चिंता सामने आती रही है। अब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रस्तावित मैहर आगमन को लेकर स्थानीय लोगों की निगाहें इस मुद्दे पर भी टिकी हैं।
23 अक्टूबर 2026 को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का मैहर स्थित KJS कंपाउंड में आगमन प्रस्तावित है। इस दौरान उनके द्वारा लोगों से जनसंवाद भी किया जाना है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि यदि जनसंवाद में स्थानीय नागरिक रेलवे साइडिंग पर धूल और प्रदूषण से जुड़ी समस्याएं उठाते हैं, टू मैहर वासियों को केज द्वारा फैलाया जा रहे हैं प्रदूषण से मुक्ति मिल सकती है
*भक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने की उम्मीद*
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। उनके प्रवचनों से वातावरण भक्तिमय हो जाता है। इसी तरह मैहर के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उनके आगमन के अवसर पर स्वच्छ पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण का संदेश भी प्रमुखता से सामने आयेंगे।
स्थानीय स्तर पर उठ रही चिंताओं के बीच यह अपेक्षा भी की जा रही है कि सीमेंट उद्योगों को पर्यावरणीय मानकों का पालन करने, धूल पर नियंत्रण रखने और आसपास के रहवासियों के स्वास्थ्य एवं सुविधाओं का ध्यान रखने की आवश्यकता पर जोर दिया जायेगा।
*आखिर कब मिलेगी प्रदूषण से राहत?*
मैहर में सीमेंट उद्योगों की मौजूदगी रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ी है, लेकिन इसके साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है। रेलवे साइडिंग पर सामग्री की लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान धूल नियंत्रण के इंतजाम कितने प्रभावी हैं, यह जांच और संबंधित विभागों की रिपोर्ट का विषय है।
उम्मीद है कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रस्तावित आगमन के दौरान मैहर की प्रदूषण संबंधी समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया जाएगा? क्या जनसंवाद में यह मुद्दा उठेगा और संबंधित उद्योगों तक स्वच्छ पर्यावरण का संदेश पहुंचेगा?
फिलहाल यह स्थानीय लोगों की उम्मीद है। प्रदूषण से स्थायी राहत के लिए जरूरी होगा कि संबंधित विभाग स्थिति की जांच करें, पर्यावरणीय नियमों के पालन की निगरानी करें और शिकायतों के आधार पर प्रभावी कदम उठाएं, ताकि मैहरवासियों को स्वच्छ हवा मिल सके।
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