पंचकूला पहुंची भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी, मैराथन बैठकों का दौर शुरू; 42 हारी हुई विधानसभा सीटों का लेंगी फीडबैक

Sandeep Sharma District Reporter Kurukshetra Haryana
हरियाणा भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी और सह प्रभारी भोला सिंह आज पंचकूला पहुंचे। पंचकूला में भाजपा प्रदेश कार्यालय पंचकमल पहुंचने पर प्रभारी स्मृति ईरानी और सह प्रभारी भोला सिंह का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने स्वागत किया। स्मृति ईरानी के दौरे को हरियाणा में पार्टी संगठन की मजबूती और आगामी चुनावों की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, स्मृति ईरानी हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा की हारी हुई 42 सीटों का फीडबैक ले रही हैं। इस दौरान संबंधित क्षेत्रों में पार्टी के प्रदर्शन, हार के कारणों, संगठन की स्थिति और स्थानीय स्तर पर सामने आई चुनौतियों की समीक्षा की जाएगी।वहीं हरियाणा भाजपा मीडिया प्रभारी एवं वरिष्ठ प्रवक्ता संजय शर्मा ने बताया कि 2 दिन बैठकों का दौर चलेगा, जिसमे संगठन से लेकर पूर्व सांसदों और जिला अध्यक्षों तक के साथ बातचीत की जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी पहली बार प्रभारी के तौर पर बैठक ले रही है लिहाजा वो सभी से परिचित भी होंगी और पार्टी गतिविधियों की जानकारी भी लेंगी। काबिलेजिक्र है कि दौरे के पहले दिन 22 अक्टूबर को स्मृति ईरानी और भोला सिंह प्रदेश भाजपा संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
सुबह 10 से 11 बजे तक प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश संगठन महामंत्री और प्रदेश महामंत्रियों के साथ बैठक हो रही है। इसके बाद सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक प्रदेश पदाधिकारियों और दोपहर 12 से 1 बजे तक जिला प्रभारियों के साथ चर्चा की जाएगी। दोपहर 1 से 2 बजे तक जिलाध्यक्षों के साथ बैठक निर्धारित है। दोपहर 3 से 4 बजे तक पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी। इसमें विशेष रूप से उन नेताओं को शामिल किया जाएगा, जो वर्ष 2009, 2014 और 2019 में विधायक रहे हैं। इसके बाद शाम 4:30 से 5:30 बजे तक तीन कार्यकाल तक प्रदेश पदाधिकारी रहे नेताओं के साथ संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा होगी। शाम 5:30 से 6:30 बजे तक बोर्ड और निगमों के चेयरमैन तथा वाइस चेयरमैन के साथ बैठक होगी।
23 अक्टूबर को मुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ मंथन
बैठक में पार्टी पदाधिकारियों और संबंधित नेताओं से चुनावी प्रदर्शन को लेकर जानकारी ली जा सकती है। साथ ही, कमजोर सीटों पर संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा होने की संभावना है।भाजपा नेतृत्व की इस कवायद को उन विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहां पिछले चुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था।
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