उमरिया महाविद्यालयों के परीक्षा परिणामों मे कथित गड़बड़ियों लेकर को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन NSUI नें मोर्चा खोल

है। गुरुवार को NSUI जिला उमरिया ने कलेक्ट्रेट परिसर में अनुविभागीय अधिकारी, बांधवगढ़ के माध्यम से आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग भोपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
संगठन ने परीक्षा परिणामों की निष्पक्ष जाँच, मूल्यांकन व्यवस्था में सुधार और पूरक परीक्षा शुल्क कम करने की माँग की है। वहीं, सात दिनों के भीतर माँगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
पूरी खबर
उमरिया। पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय, शहडोल के अंतर्गत आने वाले उमरिया जिले के महाविद्यालयों के परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ियों को लेकर NSUI ने विद्यार्थियों के हित में आवाज बुलंद की है।
गुरुवार को NSUI जिला उमरिया के पदाधिकारियों एवं छात्र-छात्राओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में अनुविभागीय अधिकारी, बांधवगढ़ को आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग भोपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण की माँग की। NSUI का आरोप है कि परीक्षा परिणामों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को ATKT दिए जाने से उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
संगठन ने करीब 90 प्रतिशत ATKT से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जाँच कराने और परीक्षा परिणामों में त्रुटियाँ पाए जाने पर तत्काल सुधार करने की माँग उठाई है। NSUI की प्रमुख माँगें
ज्ञापन के माध्यम से NSUI ने चार प्रमुख माँगें रखीं।
पहली, परीक्षा परिणामों की निष्पक्ष जाँच कर त्रुटियों में सुधार किया जाए। दूसरी, वर्तमान मूल्यांकन प्रभारी को उनके प्रभार से हटाया जाए।
तीसरी, पूरक परीक्षा का आवेदन शुल्क 1,600 रुपये से घटाकर 700 रुपये किया जाए। और चौथी, विद्यार्थियों को अपनी उत्तरपुस्तिका बिना किसी शुल्क के देखने की सुविधा प्रदान की जाए, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
बाइट — मो. असलम शेर, जिलाध्यक्ष NSUI
NSUI जिला अध्यक्ष मो.
असलम शेर ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा परिणामों को लेकर विद्यार्थियों के मन में सवाल हैं, इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन को निष्पक्ष जाँच कराकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के विद्यार्थियों पर पूरक परीक्षा शुल्क का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ऐसे में शुल्क कम करके 700 रुपये किया जाना चाहिए और विद्यार्थियों को अपनी उत्तरपुस्तिका देखने का अधिकार मिलना चाहिए।
आंदोलन की चेतावनी
NSUI ने स्पष्ट किया कि संगठन की यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अधिकारों, निष्पक्ष मूल्यांकन और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए है। जिलाध्यक्ष मो.
असलम शेर ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर माँगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो NSUI जिला उमरिया द्वारा जोरदार आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने इसके लिए विश्वविद्यालय एवं प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष इंजी. विजय कोल, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष शिशुपाल यादव, रवि सेन, भोला पटेल, NSUI जिला उपाध्यक्ष कृष्णकांत तिवारी, कॉलेज अध्यक्ष अनुज वर्मा, गर्ल्स कॉलेज अध्यक्ष आस्था पांडेय सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे।
NSUI ने उच्च शिक्षा विभाग एवं विश्वविद्यालय प्रशासन से विद्यार्थियों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की माँग की है। रिपोर्ट चंदू यादव
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