महर्षि वाल्मीकि जयंती एवं महाराजा अजमीढ़ जी की जयंती पर रेवाड़ी में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

(सुरेश सिहाग)महर्षि वाल्मीकि जयंती एवं महाराजा अजमीढ़ जी की जयंती के पावन अवसर पर हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से रेवाड़ी बस अड्डा स्थित चालक प्रशिक्षण संस्थान में नशे के विरुद्ध एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार, आईपीएस के निर्देशन तथा उप पुलिस महानिरीक्षक एवं संयुक्त पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के नेतृत्व में प्रदेश के गाँव-गाँव तक नशामुक्ति का संदेश पहुँचाने के लिए निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उपनिरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा साइकिल के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच कर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
इसी अभियान के अंतर्गत रेवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में चालक प्रशिक्षण संस्थान के प्रभारी दिनेश कुमार की उपस्थिति में 78 चालक प्रशिक्षुओं, पाँच कर्मचारियों तथा अन्य उपस्थित लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि नशा मनुष्य के जीवन के लिए अत्यंत घातक है। यह शरीर को भीतर से कमजोर करने के साथ-साथ मस्तिष्क की कार्यक्षमता और निर्णय लेने की शक्ति को भी प्रभावित करता है। नशे की लत व्यक्ति के व्यवहार में बदलाव ला सकती है और उसे गलत रास्ते पर ले जा सकती है। इसके कारण व्यक्ति का स्वास्थ्य, परिवार, सामाजिक प्रतिष्ठा और भविष्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने मित्रों, परिवार के सदस्यों तथा आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। डॉ. वर्मा ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत अपने घर और स्वयं से करनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह न तो स्वयं नशा करेगा और न ही किसी दूसरे व्यक्ति को नशे की ओर बढ़ने देगा। उन्होंने कहा कि नशे की लत से पीड़ित व्यक्ति को तिरस्कार की दृष्टि से देखने के बजाय उसके उपचार और पुनर्वास में सहयोग करना चाहिए। नशे की निर्भरता एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकती है, जिसके लिए चिकित्सकीय परामर्श और उचित उपचार आवश्यक है। ऐसे व्यक्तियों को परिवार का सहयोग, सकारात्मक वातावरण और समय पर उपचार उपलब्ध कराकर स्वस्थ जीवन की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी समाज के लिए गंभीर चुनौती है। यदि किसी व्यक्ति को नशीले पदार्थों की बिक्री अथवा तस्करी के संबंध में जानकारी मिलती है, तो उसे इसकी सूचना पुलिस या संबंधित विभाग को देनी चाहिए। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे नशे के विरुद्ध इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। प्रतिबंधित नशीले पदार्थों से संबंधित गुप्त सूचना देने के लिए हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हेल्पलाइन 1933 तथा 90508-91508 पर संपर्क किया जा सकता है। महर्षि वाल्मीकि जयंती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. वर्मा ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन परिवर्तन, साधना और सद्मार्ग अपनाने की प्रेरणा देता है। उनका जीवन संदेश देता है कि सकारात्मक परिवर्तन के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है। इसी प्रकार नशे की लत से जूझ रहे व्यक्तियों को भी उचित मार्गदर्शन, उपचार और सहयोग के माध्यम से सामान्य जीवन में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
महाराजा अजमीढ़ जी की जयंती भी समाज को अपने सांस्कृतिक मूल्यों, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक एकता का स्मरण करने का अवसर है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने गीत के माध्यम से भी युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनकी ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, खेल, समाज सेवा तथा राष्ट्र निर्माण जैसे सकारात्मक कार्यों में होना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित चालक प्रशिक्षुओं, कर्मचारियों और अन्य लोगों को नशे से दूर रहने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने में योगदान देने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जिम्मेदार नागरिकता को प्रोत्साहित करना तथा नशा मुक्त हरियाणा के निर्माण में जन भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
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