पुलिस शहीद दिवस व झंडा दिवस: रेवाड़ी पुलिस ने गवर्मेंट कॉलेज बावल में सेमिनार आयोजित कर विद्यार्थियों को दिया कम्युनिटी पुलिसिंग व कानून व्यवस्था का संदेश

बावल( सुरेश सिहाग) पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के कुशल मार्गदर्शन में जिला पुलिस द्वारा 21 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक 'पुलिस शहीद दिवस एवं झंडा दिवस' पखवाड़ा श्रद्धा और समर्पण के साथ मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रबंधक थाना बावल निरीक्षक रणवीर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें बावल कॉलेज के छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली, सामाजिक उत्तरदायित्वों तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने में उनके योगदान के प्रति एक सकारात्मक और सहयोगी दृष्टिकोण विकसित करना था।
जनसेवा और लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप कार्य कर रही पुलिस: एसएचओ रणवीर सिंह
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए थाना प्रबंधक निरीक्षक रणवीर सिंह ने कहा कि आज की पुलिस व्यवस्था औपनिवेशिक मानसिकता (Colonial Era) से बहुत आगे निकल चुकी है। अब पुलिस राजतंत्र के डंडे की बजाय प्रजातांत्रिक मूल्यों और मानवीय दृष्टिकोण के आधार पर जनता के सेवक के रूप में कार्य करती है।
उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मजबूत 'चेक एंड बैलेंस' प्रणाली मौजूद है, जहां थाना प्रभारी के ऊपर उप पुलिस अधीक्षक और उनके ऊपर पुलिस अधीक्षक स्तर पर प्रत्येक गतिविधि की निरंतर निगरानी की जाती है।
निरीक्षक रणवीर सिंह ने पुलिस के सामाजिक दायित्वों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सड़क जाम, जन-आंदोलन, कानून-व्यवस्था के साथ-साथ बिजली-पानी जैसी बुनियादी नागरिक समस्याओं के समय भी पुलिस सदैव सहायता के लिए अग्रिम पंक्ति में तैनात रहती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान आम नागरिकों को परेशानी न हो, इसके लिए पुलिसकर्मियों ने दिन-रात मुस्तैद रहकर व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
कानून हाथ में न लेने और धैर्य रखने की अपील
एसएचओ बावल ने युवाओं को समझाते हुए कहा कि पुलिस भी इसी समाज का एक अभिन्न अंग है। कई बार लोग त्वरित न्याय की उम्मीद में सड़कों को जाम कर देते हैं, जिससे आमजन को भारी असुविधा होती है। किसी भी कानूनी प्रक्रिया या जटिल समस्या की निष्पक्ष जांच और समाधान में समय लगता है; उसका तुरंत समाधान संभव नहीं होता। कानून का पालन कराना और उसे लागू करना पुलिस का दायित्व है ताकि समाज शांतिपूर्वक जीवन यापन कर सके।
उन्होंने कहा कि मानवीय स्वभाव के अनुसार निर्णयों में त्रुटि संभव है, लेकिन विभाग के अधिकांश पुलिसकर्मी अपने सुख-चैन का त्याग कर समाज की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए जीवन समर्पित कर देते हैं। विभाग में आमजन के साथ संवाद और सामंजस्य बढ़ाने के लिए कम्युनिटी पुलिसिंग को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि नागरिकों को समय पर न्याय और सुरक्षा मिल सके।
शहीदों के बलिदान को किया गया नमन
इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्या डॉ. निमिता तथा अंग्रेजी प्राध्यापिका डॉ. किरण ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने पुलिस शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए विद्यार्थियों से कानून का सम्मान करने, समाज में शांति बनाए रखने और एक जागरूक नागरिक के रूप में पुलिस प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के साथ संवाद सत्र आयोजित कर उनके प्रश्नों व जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
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