16 से 30 नवंबर तक स्वयं कर सकते हैं परिवार की ऑनलाइन जनगणना

योगेश कुमार बदायूँ जिला संवाददाता
बदायूँ: 31 अक्टूबर। जनगणना डिजिटल माध्यम से संपन्न कराई जाएगी।
प्रथम चरण में 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक आमजन आधिकारिक पोर्टल https://censusindia.gov.in के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। स्व-गणना पूरी होने के बाद प्राप्त एसई आईडी को सुरक्षित रखकर घर आने वाले प्रगणक को एसई आईडी उपलब्ध करानी होगी।
इसके उपरांत 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना की जाएगी। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या की गणना) के सफल संचालन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी गामिनी सिंगला ने सम्बंधित अधिकारियों के साथ बैठक करने के पश्चात मीडिया से वार्ता कर सम्पूर्ण कार्यक्रम की पूर्ण जानकारी दी और व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील की।
5,929 प्रगणक करेंगे गणना- अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व महेन्द्र श्रीवास्तव ने बैठक में जनगणना की कार्यप्रणाली, निर्धारित समय-सारणी, स्व-गणना की प्रक्रिया तथा आमजन की सहभागिता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया जनपद बदायूँ में जनगणना कार्य के लिए कुल 26 चार्ज निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 05 तहसील चार्ज, 07 नगर पालिका परिषद एवं 14 नगर पंचायत शामिल हैं।
जनपद में जनगणना कार्य को संपन्न कराने के लिए कुल 5,929 प्रगणक एवं 1,003 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। उन्होंने बताया कि गणना के दौरान परिवार एवं उसके सदस्यों से निर्धारित 40 प्रश्नों के माध्यम से आवश्यक जानकारी प्राप्त की जाएगी।
05 जनवरी से 09 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण चरण संचालित होगा, जिसमें निर्धारित अवधि के दौरान जन्म एवं मृत्यु से संबंधित विवरण संकलित कर आंकड़ों को अद्यतन किया जाएगा। जनगणना में बेघर व्यक्तियों को भी सम्मिलित किया जाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति गणना से वंचित न रहे।
कोई दस्तावेज नहीं लिया जाएगा- बैठक में स्पष्ट किया गया कि जनगणना के दौरान किसी भी व्यक्ति से कोई दस्तावेज, प्रमाण पत्र अथवा अन्य कागजात नहीं मांगे जाएंगे और न ही किसी प्रकार का शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस गणना के दौरान किसी प्रकार ओटीपी भी नहीं मांगी जाएगी और न ही ओटीपी किसी को शेयर करें।
प्रगणकों द्वारा प्राप्त सभी सूचनाएं पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी। आमजन की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए प्रगणकों के पहचान पत्र पर क्यूआर कोड भी उपलब्ध रहेगा, जिसे स्कैन कर उनकी पहचान एवं प्रामाणिकता का सत्यापन किया जा सकेगा।
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