आगर-मालवा। घर के बाहर खेलने निकली सात साल की मासूम अचानक लापता हो गई। परिजनों ने मोहल्ले और आसपास काफी तलाश की, लेकिन बच्ची का कहीं पता नहीं चला। घबराए परिजन कोतवाली थाने पहुंचे और पुलिस से मदद मांगी। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना देर किए तलाश अभियान शुरू किया। पुलिस की तत्परता और लगातार खोजबीन का नतीजा रहा कि करीब डेढ़ घंटे में बालिका सकुशल मिल गई और उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
घटना 1 नवंबर की सुबह शांति विहार कॉलोनी की है। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे सात वर्षीय बालिका घर के बाहर खेलने जाने की बात कहकर निकली थी। कुछ समय बीतने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटी तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। उन्होंने आसपास के इलाकों और मोहल्ले में बच्ची की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद सुबह करीब 8:30 बजे दंपति कोतवाली थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी घटना बताई।
*फोटो लेकर कॉलोनियों में शुरू की तलाश*
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस तत्काल हरकत में आई। थाना प्रभारी निरीक्षक नागेश यादव को सूचना दी गई। उनके निर्देश पर ड्यूटी अधिकारी प्रधान आरक्षक कृष्णानंद यादव और चीता पार्टी के आरक्षक बनवारी वर्मा बालिका का फोटो लेकर तलाश में जुट गए। पुलिस टीम ने शांति विहार कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों में संभावित स्थानों पर खोजबीन शुरू की।
करीब डेढ़ घंटे की लगातार तलाश के बाद बालिका शांति विहार कॉलोनी में ही सकुशल मिल गई। पुलिस ने तत्काल वायरलेस के माध्यम से इसकी सूचना थाना प्रभारी को दी। इसके बाद थाना प्रभारी नागेश यादव और यातायात प्रभारी निरीक्षक सौरभ सिंह चौहान भी मौके पर पहुंचे। परिजनों को बुलाकर बालिका को सुरक्षित उनके सुपुर्द किया गया। अपनी बच्ची को सकुशल देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार जताया।
*पुलिस टीम की तत्परता पर एएसपी ने थपथपाई पीठ*
मासूम की तलाश में दिखाई गई तत्परता और संवेदनशीलता की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविन्द्र कुमार बोयट ने सराहना की। उन्होंने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम के प्रत्येक सदस्य को 500-500 रुपये का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नागेश यादव, एचसीएम प्रधान आरक्षक बाबू बवेरिया, प्रधान आरक्षक कृष्णानंद यादव और आरक्षक बनवारी वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक परिवार की चिंता दूर हुई और मासूम सुरक्षित अपने घर पहुंच गई।