आवासीय सरस्वती विद्यापीठ वार्षिक लोकरंग कार्यक्रम का आयोजन

*सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय में वार्षिकोत्सव ‘लोकरंग’ का भव्य आयोजन*
*भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोहा*
शिवपुरी। विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय, शिवपुरी में विद्यालय की वार्षिक शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों के अनुपम प्रकटीकरण के रूप में वार्षिकोत्सव ‘लोकरंग-2026’ का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं, सनातन, आध्यात्मिक चेतना, राष्ट्रीय गौरव एवं सामाजिक समरसता पर आधारित विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश योग आयोग के कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय कथावाचक साध्वी ज्योति शास्त्री एवं श्रीमंत विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्यालय, शिवपुरी के प्राध्यापक तथा विद्या भारती के पूर्व छात्र डॉ. रीतेश यादव रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश, भोपाल के उपाध्यक्ष श्री शिरोमणि दुबे ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंचस्थ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। अतिथियों का परिचय विद्यालय के प्राचार्य श्री लोकेन्द्र सिंह मेवाड़ा ने कराया। इसके पश्चात विद्यालय प्रबंधक श्री पवन शर्मा, सह प्रबंधक श्री जितेन्द्र परसाई, विद्यालय उपसमिति के कोषाध्यक्ष श्री कुंजबिहारी चतुर्वेदी एवं प्राचार्य श्री लोकेन्द्र सिंह मेवाड़ा द्वारा अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंटकर आत्मीय स्वागत किया गया।
वार्षिकोत्सव का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। स्वागत गीत, कलयुग नृत्य, ‘मिट्टी का कर्ज’, वंदे मातरम्, पारंपरिक भारतीय खेल, भगवान नरसिंह अवतार, संत शिरोमणि रविदास जी के जीवन एवं विचारों पर आधारित प्रस्तुति, शिव तांडव, आदिवासी नृत्य तथा बुंदेलखंड के प्रसिद्ध लोकनृत्य राई सहित अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं लघु नाटिकाओं का मंचन किया गया।
विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय लोकजीवन की विविधता, सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना, राष्ट्रभक्ति एवं सामाजिक समरसता का प्रभावशाली संदेश दिया। पारंपरिक वेशभूषा, सजीव अभिनय, संगीत और आकर्षक नृत्य संयोजन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रत्येक प्रस्तुति पर दर्शक दीर्घा तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी।
साध्वी ज्योति शास्त्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति केवल उत्सवों और परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक श्रेष्ठ पद्धति है। बच्चों में संस्कार, अनुशासन, सेवा, श्रद्धा और परिवार के प्रति सम्मान जैसे गुणों का विकास होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में मानवीय मूल्यों एवं आध्यात्मिक चेतना का विकास करना भी है। विद्यालयों में आयोजित ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी जड़ों और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
मुख्य अतिथि डॉ. राघवेन्द्र शर्मा ने कहा कि भारत की वास्तविक पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और संस्कारों में निहित है। आज आवश्यकता है कि नई पीढ़ी आधुनिक शिक्षा एवं तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ अपनी भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति भी गौरव का भाव रखे। उन्होंने कहा कि विद्या भारती जैसे शैक्षिक संगठन शिक्षा के साथ संस्कार, चरित्र निर्माण, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक दायित्व का भाव विकसित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों में बच्चों की प्रतिभा के साथ-साथ उनके परिश्रम, अनुशासन और सामूहिकता की भावना भी स्पष्ट दिखाई देती है।
कार्यक्रम अध्यक्ष श्री शिरोमणि दुबे ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन एवं आशीर्वचन में कहा कि विद्या भारती की शिक्षा पद्धति का मूल उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से बालक का सर्वांगीण विकास करना है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल, संस्कार, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव विकसित करे। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शैक्षणिक ज्ञान देने का केंद्र नहीं, बल्कि भावी नागरिकों के निर्माण की महत्वपूर्ण कार्यशाला है। ‘लोकरंग’ जैसे आयोजन विद्यार्थियों की अंतर्निहित प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ उन्हें भारतीय संस्कृति एवं समाज की जड़ों से जोड़ते हैं।
कार्यक्रम में विद्यालय उपसमिति के सचिव श्री महेन्द्र सिंह रघुवंशी द्वारा विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने वर्षभर संचालित शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों तथा विद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रवेश उत्सव फोल्डर का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित हैंडबॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण एवं कांस्य पदक प्राप्त करने वाले विद्यालय के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। अतिथियों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
वार्षिकोत्सव के अवसर पर विद्यालय में अभिभावक गोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों ने सहभागिता की। गोष्ठी के माध्यम से विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, संस्कार आधारित शिक्षा तथा विद्यालय एवं अभिभावकों के बीच समन्वय के महत्व पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय की वरिष्ठ दीदी श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव (व्याख्याता अंग्रेजी) द्वारा किया गया। एवं अंत में आभार प्रदर्शन विद्यालय के सह प्रबंधक श्री जितेन्द्र परसाई द्वारा किया गया। इस लोकरंग कार्यक्रम के संयोजक विद्यालय के आचार्य श्री नंदकिशोर शर्मा एवं सह संयोजक श्री वीरेन्द्र पाठक के नेतृत्व मे किया गया।
कार्यक्रम में विद्या भारती के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, नगर के गणमान्य नागरिक, अभिभावक, आचार्य-दीदी, छात्र-छात्राएं तथा पत्रकार बंधु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विद्यार्थियों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों और सुव्यवस्थित आयोजन ने वार्षिकोत्सव ‘लोकरंग-2026’ को यादगार बना दिया।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।







