कीटनाशक खरीद का बिल अवश्य ले

*सरसों की शुरुआती अवस्था में पेंटेड बग एवं आरा मक्खी का प्रकोप, किसान रहें सतर्क*
*कृषि अधिकारियों ने खेतों पर पहुंचकर किया फसल निरीक्षण, किसानों को बताए बचाव एवं नियंत्रण के उपाय*
*सवाई माधोपुर, 5 नवम्बर।* जिले में प्रमुख तिलहनी फसल की 1 लाख 70 हजार हैक्टर क्षेत्र में बोई गई है। सरसों की फसल की शुरुआती अवस्था में पेंटेड बग (चितकबरा कीट) एवं आरा मक्खी के प्रकोप से फसल को बचाने के लिए कृषि विभाग द्वारा किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
इसी क्रम में कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक लखपत लाल मीना के नेतृत्व में चौथ का बरवाड़ा ब्लॉक सहायक कृषि अधिकारी विजय जैन एवं कृषि पर्यवेक्षक डिडायच हस्तीमल मीना की टीम ने चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में डिडायच, बन्देडिया, भेड़ोला आदि गांवों में किसानों के खेतों पर पहुंचकर सरसों की फसल का निरीक्षण किया तथा कीटों की पहचान, नुकसान के लक्षण एवं प्रभावी नियंत्रण उपायों की जानकारी दी। संयुक्त निदेशक लखपत लाल मीना ने बताया कि सरसों की फसल की शुरुआती अवस्था में इन दोनों कीटों का प्रकोप विशेष रूप से नुकसानदायक हो सकता है।
पेंटेड बग का प्रकोप अंकुरण के तुरंत बाद शुरू हो जाता है, जबकि आरा मक्खी का प्रकोप अंकुरण के लगभग 7 से 10 दिन बाद दिखाई देने लगता है। समय पर नियंत्रण नहीं होने पर नवजात पौधों की संख्या एवं फसल की बढ़वार प्रभावित हो सकती है।
पेंटेड बग (चितकबरा कीट) काले रंग होता है, जिसके शरीर पर लाल एवं पीले रंग के निशान पाए जाते हैं। इसके शिशु एवं वयस्क पौधों की पत्तियों और कोमल भागों से रस चूसते हैं।
इससे पौधे पीले पड़कर मुरझाने एवं सूखने लगते हैं। अधिक प्रकोप होने पर नवजात पौधे नष्ट हो सकते हैं।
आरा मक्खी (सॉफ्लाई) की सूंडियां हरे अथवा धूसर रंग की होती हैं। ये प्रारंभ में पत्तियों के किनारों को कुतरती हैं तथा बाद में पूरी पत्तियों को खाकर केवल डंठल एवं नसें छोड़ देती हैं।
अधिक प्रकोप होने पर पौधों की बढ़वार एवं उत्पादन प्रभावित होता है। *कीट नियंत्रण के लिए किसानों को दी गई सलाह:-* फसल अवशेष एवं खरपतवार नष्ट करें।
प्रमाणित बीज का उपयोग करें तथा अनुशंसित बीजोपचार के बाद ही बुवाई करें। अंकुरण के तुरंत बाद से ही फसल की नियमित निगरानी करें, विशेषकर पहले 25-30 दिनों तक सतर्क रहें।
पेंटेड बग के नियंत्रण के लिए खेत एवं मेड़ों को खरपतवार मुक्त रखें तथा कीटों के समूह दिखाई देने पर उन्हें एकत्रित कर नष्ट करें। आरा मक्खी की सूंडियों को सुबह एवं शाम हाथ से एकत्रित कर नष्ट करें।
आवश्यकता के अनुसार फसल में हल्की सिंचाई करें, जिससे आरा मक्खी की सूंडियों का प्रकोप कम करने में सहायता मिलती है। इन कीटों के नियंत्रण के लिए क्यूनालफॉस 1.5ः डस्ट 6 किलो प्रति बीघा के हिसाब से भुरकाव करें।
पेंटेड बग (चितकबरा कीट) के अधिक प्रकोप की स्थिति में इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल की 0.3 मिलीलीटर मात्रा प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।आरा मक्खी के अधिक प्रकोप होने पर मैलाथियान 50 ईसी की 1 मिलीलीटर मात्रा प्रति लीटर पानी को मिलाकर छिड़काव करें। कीटनाशी का छिड़काव व भुरकाव सुबह अथवा शाम के समय करें।
निर्धारित मात्रा से अधिक दवा का प्रयोग न करें तथा छिड़काव के दौरान सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें। कीटनाशक खरीद का बिल अवश्य लें।
कृषि अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि सरसों की फसल की शुरुआती अवस्था को विशेष महत्व दें तथा कीटों के लक्षण दिखाई देते ही नजदीकी कृषि पर्यवेक्षक अथवा कृषि अधिकारी से संपर्क कर तकनीकी सलाह प्राप्त करें। समय पर कीटों की पहचान एवं नियंत्रण अपनाकर फसल को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है
-लोकेशन सवाई माधोपुर
न्यूज रिपोर्टर मुकेश कुमार जैन
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।







