

भोपाल RSS शताब्दी वर्ष समारोह : भोपाल में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी को सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने किया संबोधित
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सरसंघचालक के ओजस्वी उद्बोधन से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा, राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को मिली मजबूती
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के अंतर्गत राजधानी भोपाल में प्रमुख जन गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने विशाल जनसमूह को संबोधित किया। कार्यक्रम में संघ के स्वयंसेवक, कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी उद्बोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा, उसके मूल विचारों तथा समाज और राष्ट्र के प्रति संघ की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य केवल संगठन निर्माण नहीं, बल्कि समरस, सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण है।
डॉ. भागवत जी ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलें, सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और सेवा भाव को अपने जीवन का अंग बनाएं। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है सकारात्मक सोच, अनुशासन और निरंतर सेवा के माध्यम से समाज को दिशा देने की।
उनके संबोधन ने उपस्थित कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। स्वयंसेवकों ने इसे राष्ट्रसेवा के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा बताते हुए कहा कि सरसंघचालक का मार्गदर्शन सदैव उनके लिए ऊर्जा का अक्षय स्रोत है।
कार्यक्रम के अंत में संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आगामी गतिविधियों एवं आयोजनों की जानकारी भी दी गई। पूरे वातावरण में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सेवा भाव की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।





