

निवाड़ी ओरछा , चारलेन झांसी दक्षिणी बाईपास परियोजना के तहत एनएच-44 के किमी 16+920 (बनगांय खास) से एनएच-39 के किमी 6+650 (ओरछा तिगैला) तक प्रस्तावित मार्ग को जोड़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस क्रम में तहसील ओरछा, जिला निवाड़ी के प्रभावित खसरा नंबरों में सड़क के मध्य बिंदु से दोनों ओर 40 मीटर तक भूमि के क्रय-विक्रय पर पूर्ण रूप से रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), परियोजना कार्यान्वयन इकाई छतरपुर द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, इस परियोजना के लिए बनगांय खास, मजरा बनगांय, जमुनिया खास, रुंदमकोरा, रामनगर, ढिमरपुरा, कुंवरपुरा, बबेडी जंगल, प्रतापपुरा, जमुनिया भाटा, गुजर्रा खुर्द एवं मथुरापुरा ग्रामों के प्रभावित खसरों का भू-अर्जन किया जाना है। डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) का कार्य प्रगति पर है, जिसे डीपीआर सलाहकार मैसर्स यू.आर.एस. द्वारा तैयार किया जा रहा है।
एनएचएआई ने इंडियन रोड कांग्रेस की गाइडलाइन (IRC:73-1980) का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क के मध्य बिंदु से दोनों ओर 40-40 मीटर तक किसी भी प्रकार का निर्माण निषिद्ध है। वहीं 40 से 75 मीटर के बीच निर्माण के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली की पूर्व स्वीकृति आवश्यक होगी।
प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 3ए के तहत अधिसूचना, भूमि अधिग्रहण और अवार्ड की प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए यह रोक अत्यंत आवश्यक है। आदेश के अनुसार तहसील ओरछा, जिला निवाड़ी के उपरोक्त ग्रामों में प्रभावित खसरों में सड़क के मध्य से दोनों ओर 40 मीटर तक भूमि का क्रय-विक्रय कलेक्टर की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।












