
धमतरी-नगरी ब्लाक के गोरेगांव पंचायत के अंतर्गत हो रही है पेड़ों की अवैध कटाई गोरेगांव कक्ष क्रमांक 371 साँकरा रेंज की जंगल इसके आगे नहर नाली के नीचे बड़े पैमाने पर हरे भरे पेड़ों की कटाई की जा रही है प्राप्त जानकारी के अनुसार जिसमें बहुत सारे ऐसे पेड़ हैं जिनको काटने की अनुमति शायद ना राजस्व विभाग दे सकता है न वन विभाग ऐसे में अंधाधुन कटाई क्या राजस्व विभाग में वहां जमीन आता होगा तो राजस्व विभाग से परमिशन लिया गया या वन विभाग में वहां आता होगा तो क्या हुआ विभाग से परमिशन लिया गया होगा अगर परमिशन नहीं लिया गया तो कैसे पेड़ों की कटाई की जा रही है वहीं कुछ लोगों ने बताया कि शायद इसका परमिशन किसी से नहीं लिया गया चोरी छुपे पेड़ की कटाई की जा रही है जब हमने उसे जगह में पहुंचकर देखा तो बहुत सारे पेड़ों की कटाई की जा चुकी है इसके बारे में साँकरा रेंज के रेंजर से फोन के माध्यम से बात किया तो उनका कहना है कि वह जमीन राजस्व विभाग के अंतर्गत आता है उसके बाद हमने गोरेगांव के पटवारी से फोन से चर्चा करने पर गोरेगांव के पटवारी ने बताया कि राजस्व विभाग से शायद कोई परमिशन नहीं ली गई है और अभी मैं उसे जगह का निरीक्षण कर राजस्व अधिकारी को सूचना देने की बात कही जहां एक तरफ शासन प्रशासन लाखों रुपया खर्च कर रही है एक पेड़ मां के नाम वही हरे भरे पेड़ों को बिना अनुमति काटे जा रहे हैं शासन प्रशासन के नियमों को ताक में रखकर शासन प्रशासन के नियम के अनुसार राजस्व भूमि में हो या वन भूमि में पेड़ काटने से पहले इसकी परमिशन लेना अनिवार्य होता है अब देखना है कि इसमें राजस्व विभाग क्या कार्रवाई करता है करता भी है कि नहीं हमने पटवारी से इस विषय में चर्चा किया तो पटवारी ने नगरी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी को सूचना देने की बात कही थी स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कटाई बिना अनुमति एवं एनओसी के की गई प्रतीत होती है, जो गंभीर मामला है।
कुछ ग्रामीणों लोगों का आरोप है कि लगातार हो रही इस तरह की कटाई पर संबंधित विभागों द्वारा निगरानी नहीं रखी जा रही, जिसके कारण ऐसे मामलों को बढ़ावा मिल रहा है। दूसरी ओर जिला प्रशासन “एक पेड़ माँ के नाम” जैसे जनजागरूकता अभियान के माध्यम से हरियाली बढ़ाने की अपील कर रहा है, ऐसे में वर्षों पुराने हरे-भरे वृक्षों का इस प्रकार कट जाना पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को ठेस पहुँचाता है।इस संबंध में जब निजी भूमि के मालिक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे अनुमति हेतु पंचायत गए थे, जहाँ उन्हें यह कहकर वापस लौटा दिया गया कि “जमीन आपकी है, अनुमति की आवश्यकता नहीं है। वहीं ग्राम पंचायत गोरेगांव के सरपंच ने पेड़ काटे जाने की घटना को गलत बताते हुए कहा कि यह कार्य नियमों के विपरीत किया गया है और इसकी जानकारी संबंधित विभागों को दी जाएगी।ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जाँच कर उचित कार्रवाई करने की माँग की है, ताकि भविष्य में बिना अनुमति पेड़ों की कटाई जैसी घटनाओं पर रोक लग सके और पर्यावरण संरक्षण के प्रयास मजबूत हो सकें।













