
मऊ/बलिया। मऊ से फेफना तक जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 128-बी (NH-128B) के कायाकल्प की दिशा में अहम कदम बढ़ गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस मार्ग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने की अनुमति दे दी है। इस मंजूरी के साथ ही जल्द ही 55 किलोमीटर लंबे इस मार्ग की चौड़ाई और मजबूती को लेकर काम शुरू हो जाएगा। यह मार्ग पहले उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन था, लेकिन रखरखाव की अनियमितताओं और दो जिलों की सीमा में होने के कारण समय पर मरम्मत नहीं हो पाती थी। चार साल पहले इसे NHAI को हैंडओवर कर दिया गया, जिसके बाद अब इसका कायाकल्प संभव हो पा रहा है।

📌 किन जिलों को मिलेगा लाभ?
इस सड़क के चौड़ीकरण से मऊ और बलिया जिलों के लाखों लोगों को फायदा होगा। यह मार्ग मऊनाथ भंजन से शुरू होकर बलिया मोड़, पहसा, हलधरपुर, रतनपुरा, पकवा इनार, रसड़ा, चिलकहर होते हुए फेफना तक जाता है। फेफना से यह सड़क बलिया मुख्यालय, गाजीपुर, देवरिया और बिहार तक को जोड़ती है।
🧾 DPR में क्या होगा?
जल्द ही एक चयनित कंपनी द्वारा इस मार्ग की ओवरब्रिज निर्माण, सड़क की चौड़ाई-मोटाई, और लागत का मूल्यांकन किया जाएगा। DPR के बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। जानकारी के अनुसार, आजमगढ़ स्थित NHAI यूनिट ने इस फाइल को मुख्यालय भेजा था, जहां से इसे स्वीकृति मिल चुकी है।
🚧 क्यों जरूरी है चौड़ीकरण?
मार्ग पर भारी ट्रैफिक दबाव है और पुरानी सड़क के टूट-फूट से दुर्घटनाओं और जाम की स्थिति बनती थी। अब NHAI की निगरानी में यह मार्ग न केवल चौड़ा बल्कि सुरक्षित और टिकाऊ बनेगा।
👉 निष्कर्ष: मऊ-फेफना मार्ग का यह विकास प्रोजेक्ट न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से भी इस क्षेत्र को नई गति देगा।













