
उपखंड मुख्यालय सेड़वा के ग्राम पंचायत बोली में सरपंच एवं ग्राम विकास अधिकारी की ओर से मनरेगा के तहत स्वीकृत टांके, आगोर एवं चार दीवारी निर्माण में 25 प्रतिशत ही सामग्री उपयोग में ली जाने तथा नाम मात्र की सीमेंट उपयोग ली जाने तथा घटिया निर्माण की जांच की मांग को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता वालाराम के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम सेड़वा उपखंड अधिकारी बद्रीनारायण बिश्नोई को ज्ञापन सोंप कर जांच की मांग।
उन्होंने ज्ञापन में बताया कि सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी एवं ठेकेदार की ओर से मिलीभगत कर मनरेगा कार्य एवं सामान्य बजट में स्वीकृत सभी कामों में भारी घोटाला किया जा रहा है। कई ऐसे काम है जो केवल कागजों में ही पूरे कर दिए। इस संबंध में विकास अधिकारी से जांच की मांग की तो विकास अधिकारी की ओर से अभद्र भाषा का प्रयोग कर गाली गलौज करते हुए कार्यालय से बाहर निकाल देने का आरोप लगाया।
मनरेगा के तहत पुरखाराम पुत्र अर्जुनराम की मृत्यु जुलाई 2008 तथा मीरादेवी पत्नी अणदाराम की मृत्यु 1 जनवरी 2017 को हो गई। परंतु मृत व्यक्तियों के नाम भी मनरेगा के तहत मस्टररोल में चलकर भुगतान प्राप्त कर लिया। उक्त सभी घोटाला की जांच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सेड़वा उपखंड अधिकारी बद्री नारायण विश्नोई को ज्ञापन प्रस्तुत कर जांच की मांग की।





