
📍स्थान – देहरादून
उत्तराखंड में लगभग 200 करोड़ रुपये की ठगी करने वाली एलयूसीसी (LUCC Credit & Multipurpose Cooperative Society) के फरार संचालकों पर अब सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य के मुख्य सचिव आराध्य बड़थ्वाल ने गृह विभाग को निर्देश दिया है कि सभी मुख्य आरोपियों के पासपोर्ट रद्द किए जाएं ताकि वे देश से बाहर न भाग सकें।
🌍 विदेश में छुपे होने की आशंका:
सरकार को मिली जानकारी के अनुसार घोटाले के मुख्य आरोपी विदेश, खासकर दुबई में छुपे हो सकते हैं। दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक इस कंपनी के पीड़ित फैले हुए हैं, जिससे यह मामला अंतरराज्यीय बन गया है।
🏦 ठगी का पैमाना:
गृह विभाग के पास अब तक 75 से 80 करोड़ रुपये की ठगी की शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जबकि माना जा रहा है कि कुल ठगी की रकम 200 करोड़ से ज्यादा हो सकती है।
📍 35 से अधिक जगहों पर शाखाएं:
कंपनी ने उत्तराखंड के 35 से अधिक स्थानों पर शाखाएं खोल रखी थीं और लोगों से फिक्स्ड डिपॉजिट और निवेश के नाम पर मोटी रकम ऐंठी गई।
🧾 जांच सीबीआई को सौंपने की तैयारी:
सरकार इस घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपने की तैयारी कर रही है। गृह विभाग को केंद्र सरकार को अनुरोध भेजने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
🔐 फाइनेंस कंपनियों पर सख्ती:
अब राज्य में चलने वाली सभी फाइनेंस कंपनियों और माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं की सख्त निगरानी होगी। प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा ताकि कोई भी अनियमितता तुरंत पकड़ी जा सके।
“उत्तराखंड में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है… LUC चिटफंड कंपनी ने 200 करोड़ की ठगी की है… अब फरार संचालकों के पासपोर्ट रद्द होंगे, और जल्द ही जांच सीबीआई को सौंपी जा सकती है…”










