
📰 
हाईटेक बस स्टैंड पर सियासी संग्राम!
बालोदबाज़ार प्रेस क्लब के विरोध के बाद अब पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विक्रम पटेल भी आए समर्थन में — “जनहित पर पुनर्विचार करें प्रशासन”
बालोदबाज़ार:
जिले में प्रस्तावित हाईटेक बस स्टैंड निर्माण अब विकास से ज़्यादा विवाद का केंद्र बन गया है।
जहाँ प्रशासन इसे आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, वहीं बालोदबाज़ार प्रेस क्लब और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष विक्रम पटेल ने इस योजना में हुए भूमि परिवर्तन को लेकर गंभीर आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं।
इस मुद्दे ने जिलेभर में लोकहित, पर्यावरणीय सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
🚧
परसाभदेर से कुकुरदी तक — कहाँ अटकी योजना की गाड़ी
बालोदबाज़ार प्रेस क्लब ने अपने अभिलेखों के साथ बताया कि
14 अक्टूबर 2025 को स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित इश्तहार में यह स्पष्ट हुआ कि
हाईटेक बस स्टैंड के लिए पूर्व प्रस्तावित परसाभदेर लवन रोड की 5 एकड़ भूमि को बदलकर अब ग्राम कुकुरदी (पटवारी हल्का नंबर 23, मंडल अर्जुनी, खसरा नंबर 406) की 3.15 एकड़ भूमि पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
प्रेस क्लब का कहना है कि यह परिवर्तन लोकहित के विरुद्ध है।
इस पर 15 अक्टूबर को प्रेस क्लब की विशेष बैठक बुलाई गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस विषय पर तहसील कार्यालय में आपत्ति दर्ज की जाए।
लोकहित को ध्यान में रखते हुए 16 अक्टूबर को क्लब ने आधिकारिक आपत्ति पत्र प्रस्तुत किया।
🌫️
कुकुरदी क्षेत्र पर गंभीर सवाल — प्रदूषण, दूरी और सुरक्षा का मुद्दा
बालोदबाज़ार प्रेस क्लब द्वारा दर्ज आपत्ति में कहा गया है कि
ग्राम कुकुरदी का इलाका अल्ट्राटेक और अंबुजा सीमेंट संयंत्रों के माइंस ज़ोन के निकट है।
ऐसे में वहाँ लगातार धूल, धुआँ और भारी वाहनों की आवाजाही से प्रदूषण, दुर्घटना और स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न होंगे।
साथ ही नई भूमि का क्षेत्रफल मात्र 3.15 एकड़ है, जबकि पहले प्रस्तावित भूमि 5 एकड़ थी — जिससे भविष्य में विस्तार और यात्री सुविधाओं का विकास सीमित रहेगा।
प्रेस क्लब ने यह भी बताया कि रेलवे स्टेशन से परसाभदेर की दूरी केवल आधा किलोमीटर है, जबकि कुकुरदी की दूरी लगभग 7 किलोमीटर है।
इससे यात्रियों का समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे, जो जनता के हित में नहीं है।
🗣️
बालोदबाज़ार प्रेस क्लब अध्यक्ष नरेश गनशानी का बयान
“हम किसी विकास कार्य के विरोधी नहीं हैं।
लेकिन जब कोई परियोजना सीधे जनता के जीवन, पर्यावरण और सुविधा से जुड़ी हो, तो उसकी योजना पारदर्शी और लोकहितकारी होनी चाहिए।
कुकुरदी क्षेत्र औद्योगिक प्रदूषण से प्रभावित इलाका है, वहां बस स्टैंड बनाना उचित नहीं है।
हमें जनता के हित को सर्वोपरि रखना चाहिए।”
🧾
पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष विक्रम पटेल भी आए समर्थन में
नगर के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष विक्रम पटेल ने भी प्रशासन से पुराने स्थल पर ही बस स्टैंड निर्माण की मांग की है।
“हाईटेक बस स्टैंड शहर का चेहरा होगा, लेकिन इसे ऐसे क्षेत्र में नहीं होना चाहिए जहाँ जनता को प्रदूषण और यातायात की कठिनाइयों का सामना करना पड़े।
यह निर्णय जनहित में पुनर्विचार योग्य है।
यदि प्रशासन ने उचित कदम नहीं उठाया तो नागरिक आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।”
👥
जनता में बढ़ी बेचैनी — प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी भूमि परिवर्तन पर कड़ी आपत्ति जताई है।
लोगों का कहना है कि परसाभदेर स्थल रेलवे स्टेशन के पास, सुविधाजनक और विस्तार योग्य है,
जबकि कुकुरदी क्षेत्र में बस स्टैंड बनने से ट्रैफिक, प्रदूषण और सुरक्षा संबंधी समस्याएँ बढ़ेंगी।
कई संगठन 24 अक्टूबर की सुनवाई के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को सामूहिक ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।
📅
24 अक्टूबर — निर्णायक दिन!
इस मामले की अंतिम सुनवाई 24 अक्टूबर को तहसील कार्यालय में निर्धारित है।
अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन के रुख पर टिकी हैं कि
क्या बस स्टैंड पुराने स्थल पर बनेगा या नए स्थान पर।
बालोदबाज़ार प्रेस क्लब ने स्पष्ट कहा है —
“हम लोकहित की लड़ाई अंत तक जारी रखेंगे।
यदि आवश्यकता हुई तो इस मुद्दे को उच्च प्रशासनिक स्तर तक ले जाया जाएगा।”
📣
प्रेस क्लब की स्पष्ट अपील
“बालोदबाज़ार प्रेस क्लब किसी व्यक्ति या दल का विरोधी नहीं है।
हमारा उद्देश्य केवल इतना है कि जिले में बनने वाला हाईटेक बस स्टैंड सुरक्षित, सुविधाजनक और प्रदूषण-मुक्त हो।
विकास जनता के हित में हो, यही हमारी मांग है।”
🕊️
अगले अंक में…
24 अक्टूबर की सुनवाई के बाद जिला प्रशासन का निर्णय और आगामी घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की जाएगी।
यह मामला अब विकास बनाम लोकहित की सबसे बड़ी परीक्षा बन गया है।
हाईटेक बस स्टैंड पर सियासी संग्राम!
बालोदबाज़ार प्रेस क्लब के विरोध के बाद अब पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विक्रम पटेल भी आए समर्थन में — “जनहित पर पुनर्विचार करें प्रशासन”
बालोदबाज़ार:
जिले में प्रस्तावित हाईटेक बस स्टैंड निर्माण अब विकास से ज़्यादा विवाद का केंद्र बन गया है।
जहाँ प्रशासन इसे आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, वहीं बालोदबाज़ार प्रेस क्लब और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष विक्रम पटेल ने इस योजना में हुए भूमि परिवर्तन को लेकर गंभीर आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं।
इस मुद्दे ने जिलेभर में लोकहित, पर्यावरणीय सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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परसाभदेर से कुकुरदी तक — कहाँ अटकी योजना की गाड़ी
बालोदबाज़ार प्रेस क्लब ने अपने अभिलेखों के साथ बताया कि
14 अक्टूबर 2025 को स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित इश्तहार में यह स्पष्ट हुआ कि
हाईटेक बस स्टैंड के लिए पूर्व प्रस्तावित परसाभदेर लवन रोड की 5 एकड़ भूमि को बदलकर अब ग्राम कुकुरदी (पटवारी हल्का नंबर 23, मंडल अर्जुनी, खसरा नंबर 406) की 3.15 एकड़ भूमि पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
प्रेस क्लब का कहना है कि यह परिवर्तन लोकहित के विरुद्ध है।
इस पर 15 अक्टूबर को प्रेस क्लब की विशेष बैठक बुलाई गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस विषय पर तहसील कार्यालय में आपत्ति दर्ज की जाए।
लोकहित को ध्यान में रखते हुए 16 अक्टूबर को क्लब ने आधिकारिक आपत्ति पत्र प्रस्तुत किया।
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कुकुरदी क्षेत्र पर गंभीर सवाल — प्रदूषण, दूरी और सुरक्षा का मुद्दा
बालोदबाज़ार प्रेस क्लब द्वारा दर्ज आपत्ति में कहा गया है कि
ग्राम कुकुरदी का इलाका अल्ट्राटेक और अंबुजा सीमेंट संयंत्रों के माइंस ज़ोन के निकट है।
ऐसे में वहाँ लगातार धूल, धुआँ और भारी वाहनों की आवाजाही से प्रदूषण, दुर्घटना और स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न होंगे।
साथ ही नई भूमि का क्षेत्रफल मात्र 3.15 एकड़ है, जबकि पहले प्रस्तावित भूमि 5 एकड़ थी — जिससे भविष्य में विस्तार और यात्री सुविधाओं का विकास सीमित रहेगा।
प्रेस क्लब ने यह भी बताया कि रेलवे स्टेशन से परसाभदेर की दूरी केवल आधा किलोमीटर है, जबकि कुकुरदी की दूरी लगभग 7 किलोमीटर है।
इससे यात्रियों का समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे, जो जनता के हित में नहीं है।
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बालोदबाज़ार प्रेस क्लब अध्यक्ष नरेश गनशानी का बयान
“हम किसी विकास कार्य के विरोधी नहीं हैं।
लेकिन जब कोई परियोजना सीधे जनता के जीवन, पर्यावरण और सुविधा से जुड़ी हो, तो उसकी योजना पारदर्शी और लोकहितकारी होनी चाहिए।
कुकुरदी क्षेत्र औद्योगिक प्रदूषण से प्रभावित इलाका है, वहां बस स्टैंड बनाना उचित नहीं है।
हमें जनता के हित को सर्वोपरि रखना चाहिए।”
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पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष विक्रम पटेल भी आए समर्थन में
नगर के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष विक्रम पटेल ने भी प्रशासन से पुराने स्थल पर ही बस स्टैंड निर्माण की मांग की है।
“हाईटेक बस स्टैंड शहर का चेहरा होगा, लेकिन इसे ऐसे क्षेत्र में नहीं होना चाहिए जहाँ जनता को प्रदूषण और यातायात की कठिनाइयों का सामना करना पड़े।
यह निर्णय जनहित में पुनर्विचार योग्य है।
यदि प्रशासन ने उचित कदम नहीं उठाया तो नागरिक आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।”
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जनता में बढ़ी बेचैनी — प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी भूमि परिवर्तन पर कड़ी आपत्ति जताई है।
लोगों का कहना है कि परसाभदेर स्थल रेलवे स्टेशन के पास, सुविधाजनक और विस्तार योग्य है,
जबकि कुकुरदी क्षेत्र में बस स्टैंड बनने से ट्रैफिक, प्रदूषण और सुरक्षा संबंधी समस्याएँ बढ़ेंगी।
कई संगठन 24 अक्टूबर की सुनवाई के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को सामूहिक ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।
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24 अक्टूबर — निर्णायक दिन!
इस मामले की अंतिम सुनवाई 24 अक्टूबर को तहसील कार्यालय में निर्धारित है।
अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन के रुख पर टिकी हैं कि
क्या बस स्टैंड पुराने स्थल पर बनेगा या नए स्थान पर।
बालोदबाज़ार प्रेस क्लब ने स्पष्ट कहा है —
“हम लोकहित की लड़ाई अंत तक जारी रखेंगे।
यदि आवश्यकता हुई तो इस मुद्दे को उच्च प्रशासनिक स्तर तक ले जाया जाएगा।”
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प्रेस क्लब की स्पष्ट अपील
“बालोदबाज़ार प्रेस क्लब किसी व्यक्ति या दल का विरोधी नहीं है।
हमारा उद्देश्य केवल इतना है कि जिले में बनने वाला हाईटेक बस स्टैंड सुरक्षित, सुविधाजनक और प्रदूषण-मुक्त हो।
विकास जनता के हित में हो, यही हमारी मांग है।”
🕊️
अगले अंक में…
24 अक्टूबर की सुनवाई के बाद जिला प्रशासन का निर्णय और आगामी घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की जाएगी।
यह मामला अब विकास बनाम लोकहित की सबसे बड़ी परीक्षा बन गया है।











