महाराष्ट्र राज्य मुंबई में गैस खत्म! एयरपोर्ट टु ऑफिस, सीएनजी ने मुंबई वालों को कैसे तड़पाया
महाराष्ट्र राज्य के देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को मायानगरी कहे जाने वाले शहर में सोमवार को एक प्रमुख गैस पाइपलाइन टूटने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सीएनजी पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें दिखी।सड़के आम दिनों की तुलना में ज्यादा खाली नजर आए, क्योंकि गाड़ियों को सरपट दौड़ाने वाली गैस की किल्लत हो गई। लोगों को आने-जाने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
मीनाक्षी विजय कुमार भारद्वाज/मुंबई महाराष्ट्र राज्य मुंबई में गैस खत्म! एयरपोर्ट टु ऑफिस, सीएनजी ने मुंबई वालों को कैसे तड़पाया
महाराष्ट्र/मुंबई: महाराष्ट्र राज्य के देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को मायानगरी कहे जाने वाले शहर में सोमवार को एक प्रमुख गैस पाइपलाइन टूटने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सीएनजी पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें दिखी।सड़के आम दिनों की तुलना में ज्यादा खाली नजर आए, क्योंकि गाड़ियों को सरपट दौड़ाने वाली गैस की किल्लत हो गई। लोगों को आने-जाने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ा। सीएनजी की किल्लत ऐसी हुई कि दफ्तर जाने वाले लोगों को भी परेशानी हुई।
मायानगरी मुंबई में सीएनजी गैस की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण सोमवार को कई पंप बंद हो गए। सीएनजी पंप बंद होने से ओला-उबर की गाड़ियों के साथ-साथ ऑटो के पहिए रुक गए।लोगों को दफ्तर, बच्चों को स्कूल जाने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ा। वहीं मुंबई शहर से सटे ठाणे जिले के मीरा-भायंदर में ऑटो रिक्शा, टैक्सी की कई जगहों पर लंबी लाइन लगी हुई थी। लोग भूखे, प्यासे एक उम्मीद में यह सोच रहे थे कि अगर सीएनजी गैस पंप चालू हो जाए तो सीएनजी गैस भर कर अपनी रोजी रोटी कमाया जाए। गैस न भरने के कारण ऑटो रिक्शा, टैक्सी कई वाहन बंद रहे। और लोगों को ऑफ़िस से लेकर स्कूल कॉलेज और आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। और ऑटो रिक्शा, टैक्सी, वाहन चालकों को काफी नुकसान हुआ। बेचारे पूरा दिन और रात बड़ी, बड़ी लंबी कतारें में ऑटो रिक्शा ,टैक्सी लाइन में खड़े करके परेशान हो रहे थे। उनकी सुध लेने वाला कोई नही था।मुंबई, मीरा रोड, भायंदर,ठाणे और नवी मुंबई के कई CNG पंप कम दबाव या बंद होने से सड़कों पर गाड़ियों की लंबी लाइन लगी नजर आई। ऑटो रिक्शा,ओला, उबर जैसे ऐप आधारित टैक्सी सेवा कंपनियों के वाहन भी सीएनजी गैस की कमी से प्रभावित होकर संचालन बाधित हुए।दरअसल मुंबई में सोमवार को एक प्रमुख गैस पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने के कारण आपूर्ति बाधित होने से हजारों ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और अन्य CNG चालित वाहनों पर असर पड़ा और CNG पंपों पर गैस भरवाने के लिए लंबी कतारें लग गईं।एक स्थानीय पेट्रोल विक्रेता संगठन के प्रतिनिधि ने बताया कि कम गैस प्रेशर के कारण मुंबई के कई सीएनजी पंप सुबह से ही बंद हैं।शहर में ‘ऑटो रिक्शा,ओला’ और ‘उबर’ जैसी ऐप आधारित टैक्सी सेवा मुहैया कराने वाली कंपनियों द्वारा संचालित वाहनों सहित बड़ी संख्या में ऑटोरिक्शा एवं टैक्सी तथा सार्वजनिक परिवहन उपक्रमों की कुछ बसें महानगर गैस लिमिटेड (MGL) द्वारा आपूर्ति की जाने वाली सीएनजी पर निर्भर हैं।
मुंबई में क्षतिग्रस्त सीएनजी पाइपलाइन के कारण शहर के कई स्टेशनों पर गैस आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे ऑटोरिक्शा, टैक्सी और स्कूल बसें भी प्रभावित हुईं। महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) ने मरम्मत का काम शुरू कर मंगलवार दोपहर तक आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान आवासीय उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई और औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को वैकल्पिक ईंधन इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) ने सोमवार को बताया कि मुंबई में क्षतिग्रस्त सीएनजी पाइपलाइन की मरम्मत कर मंगलवार दोपहर तक सीएनजी की आपूर्ति फिर से शुरू कर दी जाएगी। पाइपलाइन में हुई समस्या के कारण सोमवार को कई सीएनजी स्टेशनों पर लंबी कतारें लग गईं, जिससे हजारों ऑटोरिक्शा, टैक्सी और अन्य सीएनजी वाहन प्रभावित हुए। एमजीएल ने कहा कि शहर में कुल 389 सीएनजी स्टेशनों में से लगभग 225 यानी 60 प्रतिशत स्टेशनों पर ही फिलहाल गैस उपलब्ध है। बयान में बताया गया कि सीजीएस वडाला और पाइपलाइन नेटवर्क में गैस आपूर्ति रुक जाने के कारण मुंबई, मीरा रोड, भायंदर,ठाणे और नवी मुंबई के कुछ सीएनजी स्टेशन बंद हैं। मरम्मत का काम जारी है और उम्मीद है कि 18 नवंबर 2025, मंगलवार को दोपहर तक सभी स्टेशनों पर गैस की आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
प्राकृतिक गैस की आपूर्ति लगातार जारी
कंपनी ने यह स्पष्ट किया है कि घरों तक पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति लगातार जारी है। हालांकि, स्थानीय पेट्रोल पंप मालिकों के एक संगठन ने बताया कि शहर के कई सीएनजी पंप सुबह से कम गैस प्रेशर के कारण बंद हैं। ओला और उबर जैसी ऐप आधारित सेवाओं से चलने वाले ऑटोरिक्शा और टैक्सी के अलावा कुछ बसें भी एमजीएल की आपूर्ति वाली सीएनजी पर निर्भर हैं। एमजीएल ने रविवार रात जारी बयान में कहा कि मुंबई में गैस आपूर्ति में व्यवधान राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (आरसीएफ) परिसर के भीतर मौजूद गेल की मुख्य पाइपलाइन को किसी तीसरे पक्ष द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने के कारण हुआ। इस घटना के कारण वडाला स्थित सिटी गेट स्टेशन (सीजीएस) में गैस प्रवाह प्रभावित हुआ, जो मुंबई में सीएनजी की आपूर्ति का मुख्य प्रवेश बिंदु है।
स्कूल बसों को नहीं मिल पा रहा है पर्याप्त सीएनजी
मुंबई पेट्रोल विक्रेता संघ के अध्यक्ष चेतन मोदी ने बताया कि शहर में लगभग 130 से 140 सीएनजी पंप हैं, जिनमें एमजीएल के पंप भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि गैस की कम आपूर्ति दबाव के कारण कई पंप सुबह से ही बंद हैं। चेतन मोदी ने कहा, “मैंने सुबह से ही अपना पंप बंद रखा क्योंकि गैस का दबाव पर्याप्त नहीं था।” इसके अलावा, स्कूल बस संचालक संगठन के नेता अनिल गर्ग ने बताया कि सीएनजी की कमी से उनका परिचालन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र में कई स्कूल बसों को पर्याप्त सीएनजी नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण उन्हें कुछ रूटों को जोड़कर बसें चलानी पड़ रही हैं। गर्ग ने दावा किया कि लगभग 2000 स्कूल बसें सीएनजी की अनुपलब्धता के कारण रुकी हुई हैं, जिससे परिचालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें निजी ठेकेदारों की लक्जरी बसों का उपयोग करना पड़ रहा है, जिसकी लागत दो 10 किलोमीटर की यात्राओं के लिए 12,000 रुपये है।
एनजी पंपों पर लंबी कतारों में घंटों इंतजार कर रहे लोग।
एमजीएल ने बताया कि उसने घरों में पाइप्ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवासीय उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। प्रभावित क्षेत्रों में औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे गैस बहाली तक वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल करें। कंपनी ने असुविधा के लिए खेद जताते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत और वडाला स्थित सीजीएस में गैस आपूर्ति बहाल होने के बाद नेटवर्क में सामान्य आपूर्ति फिर से शुरू हो जाएगी। काली-पीली टैक्सियों और ऑटोरिक्शा का प्रतिनिधित्व करने वाले संघों ने कहा कि सीमित गैस आपूर्ति के कारण चालकों को सीएनजी पंपों पर लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ा। मुंबई टैक्सीमैन एसोसिएशन के अध्यक्ष डीए सालियान ने बताया, “आज कुछ टैक्सियां सड़कों पर थीं क्योंकि उन्होंने कल ही सीएनजी भरवाई थी, लेकिन अब गैस खत्म हो जाने के कारण अधिकांश टैक्सी मंगलवार को सड़क पर नहीं होंगी।” उन्होंने यह भी कहा कि शहर के कुछ ही पंपों से गैस मिल रही है और उनमें भी दबाव की समस्या बनी हुई है।
चालकों के दो दिन की आय के नुकसान का मुआवजा
बताया जा रहा है कि, इस वजह से चालकों को सामान्य समय से लगभग तीन गुना अधिक समय तक पंपों पर कतार में इंतजार करना पड़ा। मुंबई ऑटोरिक्शा-टैक्सीमैन एसोसिएशन के अध्यक्ष शशांक राव ने महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को पत्र लिखा और मांग की कि एमजीएल को निर्देश दिया जाए कि वह चालकों के दो दिन की आय के नुकसान का मुआवजा दे। एक पेट्रोल पंप डीलर ने बताया कि सीएनजी की कमी के कारण कई टैक्सियां, खासकर ओला और उबर से जुड़ी, पेट्रोल का उपयोग कर रही हैं। मुंबई महानगर क्षेत्र में कुल 398 सीएनजी पंप हैं, जिनमें से 152 पंप मुंबई शहर के भीतर स्थित हैं। बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) के जनसंपर्क अधिकारी सुचेता उताले ने कहा कि बेस्ट का परिचालन सीएनजी आपूर्ति से प्रभावित नहीं हुआ। बेस्ट के बेड़े में 2,700 बसें हैं, जिनमें लगभग 1,250 बसें सीएनजी से चलती हैं। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, कुछ बसें समय पर डिपो से बाहर नहीं निकल सकीं और कुछ को कम रूटों पर ही चलाना पड़ा क्योंकि कुछ डिपो पर सीएनजी आपूर्ति प्रभावित थी।