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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि वर्ष की कार्ययोजना की समीक्षा की

कृषि एवं सहायक विभागों को तीन वर्षीय लक्ष्य के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि वर्ष के अंतर्गत कृषि एवं इससे जुड़े सहायक विषयों से संबंधित विभागों द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने तथा कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
मुख्य दिशा-निर्देश
➡️ प्रदेश की भौगोलिक एवं संसाधन क्षमता का समुचित उपयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध विविध जलवायु जोन, पर्याप्त सिंचाई सुविधाओं और बेहतर सड़क नेटवर्क का लाभ उठाकर कृषि गतिविधियों का विस्तार किया जाए। इससे न केवल फसल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय में भी स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी। उन्होंने कृषि आधारित उद्योगों और मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
➡️ रोजगार सृजन पर विशेष फोकस
कृषि एवं सहायक क्षेत्रों जैसे उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, दुग्ध उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े कार्यों को प्रोत्साहित कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित किए जाएं।
➡️ तीन वर्षीय लक्ष्य निर्धारण अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कृषि वर्ष 2026 में प्रारंभ की जा रही सभी गतिविधियाँ स्पष्ट तीन वर्षीय लक्ष्य निर्धारित कर संचालित की जाएं। इससे योजनाओं की निरंतरता बनी रहेगी और उनके परिणामों का आकलन भी बेहतर ढंग से किया जा सकेगा।
➡️ समन्वय और मॉनिटरिंग पर जोर
उन्होंने कृषि एवं सहायक विभागों के बीच आपसी समन्वय मजबूत करने और योजनाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए, ताकि समयबद्ध लक्ष्य प्राप्त किए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाना है। इसके लिए नवाचार, तकनीक के उपयोग और किसानों तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है।

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