
वाहन चालक रात्रि के समय सड़क पर या सड़क किनारें खड़ा ना करें वाहन, यातायात नियमों का हर हाल में करें पालनः कुलदीप सिंह , पुलिस अधीक्षक जींद।
- पुलिस अधीक्षक जींद श्री कुलदीप सिंह भा.पु.से ने बताया कि वर्तमान समय में बढ़ती ठंड के साथ-साथ घना कोहरा/धुंध होने के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका अत्यधिक बढ़ जाती है। विशेषकर प्रातः व देर रात्रि के समय दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। जन-सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आम जनता व वाहन चालकों के लिए आवश्यक सावधानिया जारी की गई है, ताकि धुंध के दौरान होने वाले सड़क हादसों से बचा जा सके। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रात्रि के समय धुंध का मौसम होने के कारण सड़क पर खड़े वाहनों के कारण काफी दुर्घटना घटित हो रही है। इस संबंध में सभी प्रभारी थाना/चौकी को दिशा निर्देश दिये गये है कि अपने 2 एरिया में सुनिश्चित करे कि रात्रि के समय कोई भी वाहन सड़क पर या सडक किनारें खड़ा नहीं होना चाहिए। यदि कोई वाहन चालक रात्रि के समय वाहन को सड़क पर या सडक किनारें खड़ा किए हुए मिलता है तो उसके विरुद्ध उचित धाराओ के तहत मामला दर्ज कर नियमानुसार कार्यवाही करे । इस संबंध में सभी वाहन चालकों को भी सलाह दी जाती है कि रात्रि के समय अपना वाहन मुख्य रूप से शहर की मुख्य सडकों, जिला से गुजरने वालें सभी राष्टीय राजमार्गों, राज्यमार्गों व आउटर बाईपास आदि पर या उनके किनारें खड़ा न करें।
वाहन चलाते समय क्या करें-
1. फोग लाइट/लो-बीम हेडलाइट का प्रयोग करें। धुंध में केवल लो-बीम हेडलाइट या फोग लाइट का ही प्रयोग करें, जिससे सामने से आने वाले वाहन चालक को चकाचौंध न हो।
2. वाहन की गति नियंत्रित रखें। सीमित दृश्यता के कारण तेज गति जानलेवा हो सकती है। अतः अपना वाहन धीमी व नियंत्रित गति से चलाएं।
3. सुरक्षित दूरी बनाए रखें। आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी रखें ताकि अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में टक्कर से बचा जा सके।
4. इंडिकेटर व हैजर्ड लाइट का सही प्रयोग करें। मुड़ते समय या रुकते समय इंडिकेटर का प्रयोग अवश्य करें । अत्यधिक धुंध में आवश्यकता पड़ने पर हैजर्ड लाइट का प्रयोग करें।
5. रिफ्लेक्टर टेप व संकेतक अनिवार्य रूप से लगाएं। ट्रैक्टर ट्रॉली, ट्रक, ट्रॉली, रेहड़ी व अन्य धीमी गति वाले वाहनों के आगे-पीछे रिफ्लेक्टर टेप व संकेतक अवश्य लगे हों।
6. वाहन के शीशे व वाइपर साफ रखें। धुंध में साफ शीशे व सही ढंग से कार्यरत वाइपर दृश्यता बढ़ाने में सहायक होते हैं।
7. हॉर्न का सीमित व आवश्यकता अनुसार प्रयोग करें। घने कोहरे में चौराहों व मोड़ों पर हल्













