
देश की दुसरी “आईएनएस अरिघात” परमाणु पनडुब्बी गुरूवार को विशाखापट्टनम मे नौसेना मे शामिल किया गया।इससे नौसेना की मारक क्षमता मे कई गुना वृद्धि होगी। इस अवसर पर रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह जी और अनेक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी तथा सुरक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। अरिघात देश की परमाणु ट्रांयडंट को और अधिक मजबूत करेगी। परमाणु क्षमता को भी बढ़ायेगी। इससे रणनीतिक संतुलन और शांति स्थापित करने मे मदद मिलेगी। अरिहंत श्रेणी की यह दुसरी पनडुब्बी अरिघात अरिहंत का ही उन्नत स्वरूप है जो यह अत्याधुनिक हथियार प्रणाली और उपकरणो से लैस है। अरिघात की लंबाई 112मीटर चौड़ाई 11मीटर तथा वजन 06हजार टन करीब है। इस पनडुब्बी मे घातक के-15 मिसाइले लगी है जो कि 750 किमी•तक मार कर सकने मे सक्षम है। इस पनडुब्बी की विशेषता यह है कि यह दुश्मन को चकमा देकर बिना पकड़ मे आए हमला करने सक्षम है। यह पनडुब्बी 1500हजार फीट से भी अधिक गहराई तक पानी के अंदर जा सकता है। =======/===== भारतीय तटरक्षक को 2500करोड़ का प्रदूषण नियंत्रण जहाज प्राप्त हुआ है। जीएसएल यार्ड 1267 नामक इस जहाज को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने बनाया है। गोवा मे आयोजित एक समारोह मे केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने यह जहाज तटरक्षक को सौंपा है। यह जहाज 72 प्रतिशत आत्मनिर्भर है तथा तटीय प्रदूषण से लड़ने की भी क्षमता रखता है।





