बस्ती

मनरेगा भ्रष्टाचार की जाँच हेतु समिति तो बन जाती है परन्तु नहीं होती है कार्यवाही

 

भ्रष्टाचार से सने बी०डी०ओ० बनकटी के हाथ , बीस के स्थान पर 180 मजदूरों की लग रही हाजिरी

-मनरेगा भ्रष्टाचार की जाँच हेतु समिति तो बन जाती है परन्तु नहीं होती है कार्यवाही

-पिछले पाँच सालों में भ्रष्टाचार के दर्ज मामलों और उन पर की गयी कार्यवाही पर दौड़ाएंगे नजर तो मिलेंगे चौंकाने वाले परिणाम

    बनकटी (बस्ती) – मनरेगा भ्रष्टाचार यदि रुक जाए तो गांवों का विकास मॉडल बनने से कोई रोक नहीं पायेगा परन्तु खण्ड विकास अधिकारी बनकटी जैसे अधिकारी के चलते ऐसा होना सम्भव नहीं दिख रहा है जिनकी देखरेख में 20 मजदूरों के काम करने वाली साइट पर 180 की हाजिरी लगवाकर दिनरात भ्रष्टाचार में गोता लगाया जा रहा है ।

        जनपद में मनरेगा भ्रष्टाचार जिम्मेदारों के ऐशोआराम का साधन बन गया है जिसके कारण भ्रष्टाचार का साक्ष्य होने के बाद भी उस पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रहा है । जनपद के बनकटी विकास खण्ड में ऐसा ही एक मनरेगा भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया है जहाँ पर ग्राम पंचायत खराटी मे बौलिया ताल से बड़ी पुलिया तक नाली खुदाई का कार्य गतिमान है और धरातल पर दो दर्जन के अन्दर ही मजदूर कार्य पर लगे हैं परन्तु अभिलेखों में प्रतिदिन 18O मजदूरों की हाजिरी लगाकर जिम्मेदारों द्वारा रोज सरकारी खजाने को रुपया 36000 हजार लगभग का चुना लगाया जा रहा है । सूत्रों की माने तो प्रतिदिन होने वाले भ्रष्टाचार में सेक्रेटरी , ग्राम प्रधान , रोजगार सेवक , तकनीकी सहायक व बी0डी0ओ0 से लेकर ऊपर के आला अफसरों तक सबका कमीशन फिक्स है जिसके कारण शिकायत एवं साक्ष्य होने के बजाय मनरेगा भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है ।

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