उत्तर प्रदेशबस्ती

।।‌बस्ती के मदरसों में बिना पंजीकरण पढ़ रहे नेपाली छात्र, सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप।।

।। बिना किसी वैध पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेजों के धार्मिक शिक्षा ग्रहण कर रहे।।

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। बस्ती के मदरसो में अवैध रूप से पढ़ते 100 नेपाली छात्र : खुफिया एजेंसिया अलर्ट।।

🔥 बस्ती के मदरसों में बिना पंजीकरण पढ़ रहे नेपाली छात्र, सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप।

14 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश।

बस्ती।। जनपद में संचालित कुछ प्रमुख मदरसों में नेपाली मुस्लिम छात्रों के अवैध रूप से दीनी तालीम लेने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और खुफिया एजेंसियों में खलबली मच गई है। जांच में सामने आया है कि ये छात्र लंबे समय से बिना किसी वैध पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेजों के धार्मिक शिक्षा ग्रहण कर रहे थे, जो सीधे तौर पर वीजा और विदेशी नागरिक नियमों का उल्लंघन है।

इस पूरे प्रकरण का खुलासा गृह मंत्रालय के निर्देश पर चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान हुआ। सूत्रों के मुताबिक, जिले के मदरसों में पढ़ रहे विदेशी नागरिकों की स्थिति जानने के लिए सी-फॉर्म डेटा का गहन विश्लेषण किया गया। इसी जांच में यह सामने आया कि एक प्रमुख मदरसे में सौ से अधिक नेपाली छात्र बिना किसी पंजीकरण के अध्ययनरत हैं। इसके अलावा अन्य मदरसों में भी नेपाली छात्रों के ठहरने और पढ़ाई करने के संकेत मिले हैं।

बताया जा रहा है कि भारत में किसी भी विदेशी नागरिक के ठहरने की स्थिति में सी-फॉर्म भरना अनिवार्य होता है, जिसे संबंधित संस्थान या व्यक्ति द्वारा स्थानीय पुलिस या एफआरआरओ कार्यालय में जमा किया जाता है। लेकिन जांच में पाया गया कि बड़ी संख्या में विदेशी छात्रों की जानकारी सी-फॉर्म में दर्ज ही नहीं की गई। साथ ही जिन आधारों पर ये छात्र भारत आए थे, वह धार्मिक शिक्षा लेने की अनुमति नहीं देते थे।

मामला सामने आने के बाद अब उन मदरसा प्रबंधनों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है, जिन्होंने सैकड़ों नेपाली छात्रों को आश्रय दिया और सरकारी नियमों की अनदेखी की। सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही हैं कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित साजिश या आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा खतरा तो नहीं छिपा है।

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि अधिकतर विदेशी छात्र टूरिस्ट वीजा या अन्य श्रेणी के वीजा पर भारत आए थे, जबकि धार्मिक अध्ययन के लिए स्टडी वीजा अनिवार्य होता है। नियमों के तहत स्टडी वीजा में संस्थान का विधिवत पंजीकरण और विभागीय सूचना देना जरूरी है, जो इस मामले में नहीं किया गया।

जानकारी मिलते ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। अब इन छात्रों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किए जाने और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह मामला सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चूक को दर्शाता है। मदरसों में विदेशी छात्रों के पंजीकरण और वीजा नियमों के अनुपालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। सी-फॉर्म की जांच के दौरान ही यह मामला सामने आया है और नियम तोड़ने वाले मदरसा प्रबंधन के खिलाफ आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस संबंध में उपनिदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, बस्ती प्रियंका अवस्थी ने बताया कि हाल ही में वाराणसी में मदरसा प्रबंधकों की एक कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि यदि मदरसे में धार्मिक शिक्षा के लिए विदेशी छात्र आते हैं तो उनका ऑनलाइन सी-फॉर्म पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराया जाए और विभाग को इसकी सूचना दी जाए। इसके बावजूद बिना पंजीकरण नेपाली छात्रों के पढ़ाई करने का मामला सामने आया है, जिसकी छानबीन की जा रही है।

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