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पटौहां के जंगल में विस्फोटक खाने से गौ माता घायल

रीठी वन परिक्षेत्र में घटना, जबड़ा क्षतिग्रस्त, शिकारी सक्रिय, जिम्मेदार विभाग मौन

कटनी, रीठी।। GANESH UPADHYAY VANDE BHARAT LIVE TV NEWS KATNI MP.

कटनी जिले के रीठी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पटौंहा के जंगल से आज मन को विचलित कर देने वाली तस्वीर सामने आई हैं। कुछ दिन के अंतराल में रीठी थाना क्षेत्र में इस तरह की यह दूसरी घटना है। शनिवार दोपहर ग्राम पटौंहा के जंगल में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां अज्ञात व्यक्तियों द्वारा रखे गए विस्फोटक के सेवन से एक गौ माता गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि वन क्षेत्र में शिकारी सक्रिय हैं और वन अमला मौन साधे हुए है।

जानकारी के अनुसार पशु पालक दिनेश राय की गाय रोज़ की तरह पटौंहा के जंगल में चरने के लिए गई हुई थी। इसी दौरान गाय ने जंगल में पड़ी किसी विस्फोटक वस्तु को खा लिया, जिससे तेज धमाका हुआ और गाय के मुंह का जबड़ा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद गाय दर्द से तड़पती हुई जंगल से बाहर निकली, जिसे देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। पशु पालक दिनेश राय ने तत्काल ग्रामीणों की मदद से घायल गाय को उपचार के लिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पशु चिकित्सकों के अनुसार विस्फोट की वजह से गाय के मुंह और जबड़े में गंभीर चोटें आई हैं, जिससे उसका भोजन करना भी मुश्किल हो गया है।

पशु पालकों में आक्रोश

इस घटना से क्षेत्र के पशु पालकों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जंगल में इस तरह की विस्फोटक वस्तुएं रखी जा रही हैं, तो इससे न सिर्फ मवेशियों बल्कि इंसानों की जान को भी खतरा है। चरवाहों और बच्चों के जंगल की ओर जाने पर बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि पूरे जंगल क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जाए और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही घायल गाय के इलाज और पशु पालक को उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई है। फिलहाल घटना की सूचना संबंधित विभागों को दे दी गई है और मामले की जांच की बात कही जा रही है। यह घटना सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही और जंगल क्षेत्र में मंडराते अंजाने खतरे को लेकर कई तरह के सवाल खड़े करती है।

बिरूहली में भी हुई थी घटना

पटौंहा में जो घटना शनिवार को हुई है कुछ इसी तरह की घटना रीठी थाना क्षेत्र के ग्राम बिरुहली में भी बीते दिनों घटित हुई थी। वहां भी सूअरमार बम चबाने से गौ माता का जबड़ा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था। एक के बाद एक हो रही घटनाएं यह स्पष्ट कर रही हैं कि क्षेत्र में शिकारी सक्रिय हैं और वे जगह-जगह विस्फोटक लगाकर शिकार करने का प्रयास कर रहे हैं। यदि इसी तरह वन विभाग व पुलिस के द्वारा लापरवाही बरती जाती रही तो हो सकता है कि अगला शिकार कोई मानव भी बन जाए। लोगों का कहना है कि रीठी क्षेत्र के वन इन दिनों लापरवाही के शिकार होकर रह गए हैं। कैना जैसी प्रमुख कई बीटों की जिम्मेदारी अनभिज्ञ प्राइवेट कर्मचारियों को सौंपी गई है, जो जिम्मेदारी से काम नहीं कर रहे हैं, सिर्फ पगार पाने के लिए वन समिति के जिम्मेदार सदस्य बने हुए हैं।

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