ग्रेटर कैलाश साइबर ठगी केस: 14 करोड़ की डिजिटल अरेस्ट ठगी में वाराणसी के पुजारी समेत 8 गिरफ्तार
चन्दौली वाराणसी दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में सामने आए 14.84 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के सनसनीखेज मामले का दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने खुलासा कर दिया है। इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने इस हाई-प्रोफाइल केस में वाराणसी के एक पुजारी समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कंबोडिया और नेपाल से संचालित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह से जुड़े हुए थे।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक बुजुर्ग एनआरआई डॉक्टर दंपती को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई थी। आरोपियों ने खुद को सीबीआई और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर दंपती को डराया और लंबे समय तक वीडियो कॉल के जरिए मानसिक दबाव में रखा।क्या है पूरा मामला
आईएफएसओ यूनिट के पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने बताया कि ग्रेटर कैलाश निवासी 77 वर्षीय महिला को दिसंबर 2025 में एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने दावा किया कि उनके नाम पर जारी एक सिम कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। इसके बाद ठगों ने खुद को सीबीआई और पुलिस अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर फर्जी गिरफ्तारी वारंट और जाली अदालती कार्यवाही दिखाई।
डर और मानसिक दबाव बनाकर पीड़िता और उनके पति को 24 घंटे निगरानी में रखा गया। इसके बाद सावधि जमा, शेयर निवेश और बैंक खातों से आठ लेनदेन के जरिए कुल 14.84 करोड़ रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।कैसे हुआ खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की गई। एसीपी प्रेमचंद खंडूरी की निगरानी में इंस्पेक्टर राजकिरण और एसआई अतुल यादव सहित विशेष टीम का गठन किया गया।
तकनीकी सर्विलांस और बैंक ट्रांजैक्शन के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने म्यूल खातों का पता लगाया। जांच में सामने आया कि अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह के इशारे पर फर्जी खाते खुलवाए गए थे।
गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका
पुलिस ने गुजरात, उत्तर प्रदेश और ओडिशा से आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें—
प्रद्युम्न तिवारी उर्फ एसपी तिवारी (44) –वाराणसी का पुजारी, घाटों पर अनुष्ठान कराता था
अरुण कुमार तिवारी (45) – वाराणसी निवासी, आयकर कार्यालय के बाहर निजी डाटा एंट्री ऑपरेटर
दिव्यांग पटेल (30) – गुजरात, सीए इंटरमीडिएट पास
कृतिक शितोले (26) – आईटी डिप्लोमा, न्यूजीलैंड से पढ़ाई
महावीर शर्मा उर्फ नील (27) – ओडिशा
अंकित मिश्रा उर्फ रॉबिन – पूर्व सेल्स एग्जिक्यूटिव, SBI कैप सिक्योरिटीज
भूपेंद्र कुमार सिंह (37) – एमबीए
आदेश कुमार सिंह (36) – ट्यूशन शिक्षकपुलिस ने इनके पास से 7 मोबाइल फोन, कई चेकबुक और अहम डिजिटल सबूत बरामद किए हैं।
पुजारी की भूमिका ने बढ़ाई चौंकाने वाली तस्वीर
दिल्ली पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार प्रद्युम्न तिवारी वाराणसी में घाटों पर धार्मिक अनुष्ठान कराता था। वहीं अरुण तिवारी के खाते में ठगी के 2.10 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए थे। दोनों गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के संचालन से भी जुड़े हुए थे, जिनका इस्तेमाल मनी ट्रेल छिपाने के लिए किया गया।


