नेपाल का बुटवल बनेगा भारतीय पर्यटकों के लिए मुक्तिनाथ का नया हब, पर्यटन संवर्धन पर मंथन
भारत-नेपाल की साझा सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नई पहचान देने की दिशा में नेपाल का बुटवल शहर तेजी से पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। भारत-नेपाल सीमा से करीब 27 किलोमीटर दूर स्थित बुटवल को आने वाले समय में मुक्तिनाथ सहित नेपाल के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसी उद्देश्य से नेपाल एसोसिएशन ऑफ टूर एंड ट्रैवल्स एजेंट्स (नाटा) ने भारतीय और नेपाली पत्रकारों के लिए विशेष पर्यटन भ्रमण एवं संगोष्ठी का आयोजन किया।
रिपोर्ट:
नेपाल का बुटवल शहर अब केवल एक व्यावसायिक केंद्र ही नहीं, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। बुटवल के नुवाकोट क्षेत्र में समुद्र तल से लगभग 800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित प्राकृतिक स्थल अपनी हरियाली, शांत वातावरण और ऐतिहासिक धरोहरों के कारण पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
यहां स्थापित भगवान बुद्ध की प्रतिमा और श्री काल भैरव मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र हैं। पर्यटकों की सुविधा के लिए सिद्धार्थ केबल कार लिमिटेड द्वारा केबल कार सेवा संचालित की जा रही है, जिससे पहाड़ी क्षेत्र तक पहुंच आसान हो गई है।
नुवाकोट गढ़ी ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। सेन वंश के शासनकाल में निर्मित इस गढ़ी का उल्लेख इतिहास में मिलता है। यही क्षेत्र एंग्लो-नेपाल युद्ध के दौरान कर्नल उजीर सिंह थापा के नेतृत्व में नेपाली सेना के अदम्य साहस का साक्षी रहा है। नुवाकोट गढ़ी, मणिमुकुंद सेन उद्यान और जीतगढ़ी किला आज भी उस गौरवशाली इतिहास की याद दिलाते हैं।
पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नाटा द्वारा भारतीय और नेपाली पत्रकारों को इन ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया गया। इसके बाद बुटवल स्थित होटल हयात में नेपाल-भारत पत्रकार पर्यटन संवर्धन कार्यक्रम के तहत एक संगोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें पर्यटन से जुड़े सरकारी निकायों, होटल उद्योग, ट्रैवल एजेंसियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बुटवल को मुक्तिनाथ सहित नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों का प्रवेश द्वार बनाने, भारतीय पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने और भारत-नेपाल पर्यटन सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।