
संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा गढ़वा ✅ श्री बंशीधर नगर। गढ़वा थाना क्षेत्र के गांगी गांव निवासी शक्तिधर दुबे की 75 वर्षीय पत्नी कुलवंती देवी की शनिवार को अनुमंडलीय अस्पताल, बंशीधर नगर में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक पर समय पर मरीज को नहीं देखने और कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मामले की सूचना मिलने पर गढ़वा के सिविल सर्जन अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझाकर स्थिति को शांत कराया।

जानकारी के अनुसार, शक्तिधर दुबे अपनी पत्नी कुलवंती देवी को लेकर बनारस जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अपनी गाड़ी से बंशीधर नगर स्थित अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे।

परिजनों ने क्या आरोप लगाया?
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. निशा कुमारी ने मरीज को तत्काल देखने में तत्परता नहीं दिखाई। इसी बात को लेकर अस्पताल परिसर में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। मामले की जानकारी मिलने पर भाजपा नेता कन्हैया चौबे भी अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकीय व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।
परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में समय पर इलाज शुरू नहीं होने के कारण कुलवंती देवी की हालत बिगड़ती गई और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। आरोप है कि इसके बाद डॉ. निशा कुमारी मौके पर पहुंचीं और महिला को मृत बताते हुए उसे ले जाने की बात कही।

इधर, घटना की जानकारी मिलने पर अस्पताल की उपाधीक्षक सुचित्रा कुमारी अस्पताल पहुंचीं और मरीज का इलाज शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।

घटना के बाद परिजनों और कन्हैया चौबे ने चिकित्सक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर मरीज को देखा जाता और आवश्यक उपचार शुरू किया जाता तो संभवतः महिला की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, महिला की मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
सिविल सर्जन ने पहुंचकर संभाला मामला

मामले की सूचना गढ़वा के सिविल सर्जन को दी गई। सूचना मिलते ही सिविल सर्जन अस्पताल पहुंचे और परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने समझाकर स्थिति को शांत कराया। साथ ही डॉ. निशा कुमारी को भी मरीजों और उनके परिजनों के साथ उचित व्यवहार करने की हिदायत दी।
घटना के बाद अनुमंडलीय अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों को समय पर चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध कराने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अब लोगों की नजर पूरे मामले की जांच और सिविल सर्जन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर है।
क्या कहते हैं सिविल सर्जन?
सिविल सर्जन ने कहा कि महिला की हालत काफी गंभीर थी। हालांकि, चिकित्सक का दायित्व है कि वह मरीज को समय पर देखे और अपनी ओर से आवश्यक चिकित्सकीय प्रयास करे। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि डॉ. निशा कुमारी के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।







