पत्रकार विनीत प्रकरण में न्याय की बाट जोह रहा पीड़ित परिवार

विनीत प्रकरण: सात माह से न्याय की बाट जोह रहा पीड़ित परिवार, खेड़ली पुलिस की कार्यशैली पर खड़े किए गंभीर सवाल
खेड़ली। अलवर जिले के खेड़ली क्षेत्र के बहुचर्चित विनीत प्रकरण में निष्पक्ष न्याय की आस लिए पीड़ित परिवार पिछले सात महीनों से पुलिस और प्रशासनिक दफ्तरों की चौखट नापने को मजबूर है। भरतपुर के हलैना क्षेत्र स्थित तिलचिवी गांव निवासी वरिष्ठ पत्रकार थानसिंह सिनसिनवार के परिजनों ने स्थानीय पुलिस की जांच प्रणाली पर गंभीर अविश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री, गृह राज्यमंत्री और पुलिस महकमे के आला अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है। अब तक की पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट परिवार नेj पारदर्शिता की मांग करते हुए सूचना के अधिकार (RTI) के तहत संबंधित जांच रिपोर्टों की प्रतियां भी मांगी हैं।
पीड़ित पक्ष ने खेड़ली थाना पुलिस की भूमिका पर संगीन आरोप लगाते हुए दावा किया है कि गत 15 अगस्त को राजपत्रित अवकाश के बावजूद थाने के सीसीटीएनएस (CCTNS) सिस्टम में कथित तौर पर छेड़छाड़ कर थाना प्रभारी को बचाने की कोशिश की गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन परिवार ने पूरे सच को सामने लाने के लिए सिस्टम के डिजिटल रिकॉर्ड की निष्पक्ष फॉरेंसिक व तकनीकी जांच कराने की मांग रखी है। परिजनों का यह भी आरोप है कि मामले को दबाने और थाना प्रभारी को संरक्षण देने के लिए कठूमर सीओ और अलवर एसपी स्तर पर कथित प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके चलते लगातार ज्ञापनों और शिकायतों के बावजूद उन्हें अब तक कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। पीड़ित परिवार ने शासन से गुहार लगाई है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई जाए, सभी तकनीकी साक्ष्यों की सत्यता परखी जाए और यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता अथवा पुलिसकर्मियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाकर परिवार को समयबद्ध न्याय दिलाया जाए।
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