Vande Bharat Live TV News
देश • राज्य • जिला — खबरें तेज़, साफ और विश्वसनीय तरीके से
Basti

वीआईपी ज़ोन में धड़ल्ले से छलक रहा जाम: डीएम-एसपी आवास और सर्किट हाउस के पास अवैध शराब दुकान पर उठे गंभीर सवाल

04 Sep 2026, 09:03 AM • Vande Bharat Live TV News
📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅
वीआईपी ज़ोन में धड़ल्ले से छलक रहा जाम: डीएम-एसपी आवास और सर्किट हाउस के पास अवैध शराब दुकान पर उठे गंभीर सवाल - BASTI, उत्तर प्रदेश

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती: डीएम-एसपी आवास और सर्किट हाउस की नाक के नीचे चल रहा है नियमों का मखौल, वीआईपी ज़ोन में धड़ल्ले से छलक रहा जाम

  • कानून की किताब डीएम कार्यालय की अलमारी में बंद, सर्किट हाउस की नाक के नीचे खुला है शराब का ठेका
  • ​बस्ती: अमहट घाट मंदिर और शासकीय सभागार से चंद कदमों की दूरी पर चल रही शराब की दुकान, आस्था और सुरक्षा दांव पर
  • ​नियम कागजों पर, जाम सड़कों पर: वीआईपी इलाके में आबकारी अधिनियम और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की उड़ रही सरेआम धज्जियां
  • ​प्रशासनिक मुस्तैदी या खुली लापरवाही? वीआईपी मूवमेंट वाले संवेदनशील क्षेत्र में नशे के अड्डे पर पुलिस और आबकारी विभाग मौन

बस्ती जनपद में कानून और व्यवस्था के दोहरे मापदंड का सबसे वीभत्स रूप अमहट घाट से लेकर कलेक्ट्रेट परिसर तक देखने को मिल रहा है। एक तरफ प्रशासन धार्मिक स्थलों, स्कूलों और सार्वजनिक जगहों पर अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त अभियान चलाता है, वहीं दूसरी तरफ ठीक उसी वीआईपी एरिया में—जहां जिलाधिकारी आवास, पुलिस अधीक्षक आवास, सर्किट हाउस, मंदिर, सभागार और तमाम प्रमुख प्रशासनिक कार्यालय स्थित हैं—वर्षों से अंग्रेजी और देशी शराब की दुकान का अवैध संचालन धड़ल्ले से जारी है।

सुरक्षा और आस्था दोनों पर भारी पड़ रही प्रशासनिक चुप्पी
अमहट घाट पर स्थित प्रसिद्ध मंदिर में रोजाना सुबह-शाम श्रद्धालुओं का तांता लगता है, और बगल में ही शासकीय आयोजनों का केंद्र सभागार है। मात्र 200 मीटर की परिधि में डीएम, एसपी आवास और सर्किट हाउस होने के बावजूद शाम होते ही इस वीआईपी ज़ोन में शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। खुलेआम गाली-गलौज, हुड़दंग और महिलाओं व श्रद्धालुओं का इस रास्ते से निकलना दूभर हो गया है। वीआईपी मूवमेंट वाले इस संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा प्रोटोकॉल को ताक पर रखकर नशे का अड्डा चलना जिला प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान लगाता है।

कानून क्या कहता है? नियमों की सरेआम धज्जियां

यू.पी. आबकारी अधिनियम 1910 (नियम 1968, नियम 5(4)): उत्तर प्रदेश Number and Location of Excise Shops Rules, 1968 के Rule 5(4) में स्पष्ट प्रावधान है कि किसी भी सार्वजनिक स्थल, स्कूल, अस्पताल, पूजा स्थल या आवासीय कॉलोनी के निकट कोई नई दुकान लाइसेंस नहीं की जा सकती।

50 मीटर का अनिवार्य दायरा: नियम के प्रावधानों के अनुसार नगरपालिका क्षेत्र में किसी भी पूजा स्थल, स्कूल, अस्पताल या आवासीय कॉलोनी से 50 मीटर के भीतर शराब की दुकान नहीं हो सकती। यदि स्कूल या मंदिर दुकान के बाद बना है, तभी छूट मिलती है, वरना नहीं।

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की दृष्टांत नजीर: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने “close proximity” को परिभाषित करते हुए 100 मीटर की दूरी तय की थी, जिसे 2008 में State of UP vs Manoj Kumar Dwivedi केस में सुप्रीम कोर्ट ने पूरी तरह सही ठहराया था। कोर्ट की टिप्पणी थी कि नियमों में अस्पष्ट शब्द नहीं चलेंगे, दूरी स्पष्ट रूप से तय होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 2017 का सख्त आदेश: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि राष्ट्रीय व प्रदेशीय राजमार्गों, मंदिरों, मस्जिदों, गिरिजाघरों, गुरुद्वारों और शैक्षिक संस्थानों के आसपास शराब के ठेके न हों। साथ ही, प्रमुख धार्मिक स्थलों की परिधि में शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने को कहा गया था।

प्रशासन और आबकारी विभाग से पांच तीखे सवाल

  • आबकारी विभाग से: अमहट और कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास की इन दुकानों का लाइसेंस किस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नवीनीकृत हो रहा है? क्या 1968 के नियम 5(4) के तहत 50 मीटर की दूरी का कोई वैध शपथपत्र लिया गया है?
  • जिला प्रशासन से: जब सुप्रीम कोर्ट 100 मीटर को ‘क्लोज़ प्रॉक्सिमिटी’ मान चुका है, तो मंदिर और सभागार से चंद कदमों की दूरी पर यह दुकान कैसे वैध है? क्या जिलाधिकारी ने कभी इस पर कोई आपत्ति रिपोर्ट शासन को भेजी?
  • पुलिस प्रशासन से: वीआईपी सुरक्षा ज़ोन में शराब दुकान के कारण होने वाले उपद्रव और सुरक्षा जोखिम का आकलन पुलिस क्यों नहीं करती? पिछले 3 वर्षों में इस दुकान के आसपास कितनी एफआईआर दर्ज हुईं, इसका सार्वजनिक ब्योरा जनता को क्यों नहीं दिया जाता?
  • आबकारी आयुक्त से: 2017 के शासनादेश में धार्मिक स्थलों से उचित दूरी के सख्त निर्देश हैं, फिर बस्ती में 50 मीटर का मानक भी क्यों ताक पर रख दिया गया? क्या किसी प्रभावशाली लाइसेंसी को बचाने की कोशिश की जा रही है, जैसा लखनऊ के मामलों में उजागर हुआ था?
  • जनप्रतिनिधियों से: अयोध्या, काशी और मथुरा की तर्ज पर क्या बस्ती के आस्था केंद्र अमहट घाट के आसपास के क्षेत्र को पवित्र क्षेत्र घोषित कर शराब मुक्त नहीं किया जा सकता?

यह सवाल किसी व्यक्तिगत व्यवसाय के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था की उस चुप्पी के खिलाफ है जो आम नागरिकों की सुरक्षा, महिलाओं की गरिमा और धार्मिक भावनाओं को कुचल रही है। यदि कानून सबके लिए समान है, तो वीआईपी एरिया में यह खतरनाक अपवाद क्यों? प्रशासन को चाहिए कि आरटीआई के तहत दुकान की दूरी का नक्शा, नवीनीकरण पत्रावली और हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन की रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक करे।
अन्यथा यह मानने के लिए मजबूर होना पड़ेगा कि बस्ती में कानून की किताब सिर्फ डीएम कार्यालय की अलमारी में बंद है और ठेका सड़क पर खुला है।

📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅

🔔 Vande Bharat News Alerts

नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।

संबंधित और ताज़ा खबरें

भारत लेनिन अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद: सामाजिक न्याय और चेतना के महान प्रतीक
A2Z सभी खबर सभी जिले की05 Sep

भारत लेनिन अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद: सामाजिक न्याय और चेतना के महान प्रतीक

भारत के लेनिन कहे जाने वाले अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद जी का शहादत दिवस 5 सितंबर 1974…

पूरी खबर पढ़ें →
प्रभारी चौकी बाजार पुष्कर सिंह चौहान की टीम की बड़ी कार्रवाई, तमंचे-कारतूस के साथ आरोपी गिरफ्तार।
A2Z सभी खबर सभी जिले की05 Sep

प्रभारी चौकी बाजार पुष्कर सिंह चौहान की टीम की बड़ी कार्रवाई, तमंचे-कारतूस के साथ आरोपी गिरफ्तार।

फुरकान अंसारी। हरिद्वार। ऑपरेशन प्रहार के तहत ज्वालापुर पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक को अवैध…

पूरी खबर पढ़ें →
विकास के नाम पर ‘कमीशन का खेल’: स्टिंग ऑपरेशन में ऑनकैमरा बेनकाब हुए भाजपा-सपा विधायक
Azamgarh05 Sep

विकास के नाम पर ‘कमीशन का खेल’: स्टिंग ऑपरेशन में ऑनकैमरा बेनकाब हुए भाजपा-सपा विधायक

विकास के नाम पर 'कमीशन का खेल': यूपी में स्टिंग ऑपरेशन में बेनकाब हुए भाजपा-सपा विधायक, अनुशंसा पत्र…

पूरी खबर पढ़ें →
जिलाधिकारी के निर्देश पर मौदहा में खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान, करीब 64 हजार रुपये की दूषित खाद्य सामग्री मौके पर नष्ट करा्ड ग्ड
Hamirpur05 Sep

जिलाधिकारी के निर्देश पर मौदहा में खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान, करीब 64 हजार रुपये की दूषित खाद्य सामग्री मौके पर नष्ट करा्ड ग्ड

सवाददाताः समसुद्दीन शेख, हमीरपुर दिनांक: 04 सितंबर 2026 *जिलाधिकारी के निर्देश पर मौदहा में खाद्य सुरक्षा विभाग का…

पूरी खबर पढ़ें →
error: Content is protected !!