साइबर फ्रॉड मामले में कैमूर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, म्यूल खाते से जुड़े अभियुक्त गिरफ्तार

साइबर फ्रॉड मामले में कैमूर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, म्यूल खाते से जुड़े अभियुक्त गिरफ्तार
भभुआ/कैमूर, 05 सितंबर 2026। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कैमूर साइबर थाना पुलिस ने म्यूल बैंक खाते के माध्यम से साइबर फ्रॉड के मामले में संलिप्त एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान पुनित तिवारी, पिता विनायक तिवारी, ग्राम कुड़ासन, थाना भभुआ, जिला कैमूर के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार इस मामले में साइबर थाना कैमूर में एफआईआर संख्या 09/2026, दिनांक 15 मार्च 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई।
जांच में पता चला कि ऐक्सिस बैंक में ‘श्री श्याम इंटरप्राइजेज’ के नाम से एक करंट अकाउंट खोला गया था। इस खाते में 22 अप्रैल 2025 से 11 मार्च 2026 के बीच कुल 1 करोड़ 40 लाख 38 हजार 939 रुपये क्रेडिट हुए, जबकि इसी अवधि में 1 करोड़ 35 लाख 12 हजार 841 रुपये डेबिट किए गए।
खाताधारक से पूछताछ के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि उक्त बैंक खाता पुनित तिवारी के माध्यम से खुलवाया गया था। पुलिस के मुताबिक, खाता खुलवाने के बाद पुनित तिवारी ने चेकबुक, पासबुक, सिम कार्ड सहित अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए तथा खाते से संबंधित जानकारी सिंडिकेट के अन्य सदस्यों को उपलब्ध कराई।
आठ राज्यों से मिलीं शिकायतें
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि उक्त बैंक खाते के खिलाफ NCCRP पोर्टल पर कुल आठ शिकायतें दर्ज हैं। ये शिकायतें झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों से संबंधित हैं। इनमें डिजिटल अरेस्ट से जुड़े चार मामले भी शामिल बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार उत्तराखंड के कुमाऊं, कोलकाता, जमशेदपुर और महाराष्ट्र में भी इस बैंक खाते से संबंधित शिकायतों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
खाता फ्रीज होने के बाद दोबारा एक्टिव कराने का प्रयास
जांच के क्रम में पुलिस ने पाया कि शिकायत मिलने के बाद बैंक खाते को फ्रीज कर दिया गया था। पुलिस के अनुसार, इसके बाद खाते को दोबारा सक्रिय कराने के लिए पुनित तिवारी खाताधारक के साथ बैंक पहुंचा था। इस संबंध में बैंक के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई तथा बैंक कर्मियों से पूछताछ कर पुलिस ने इसकी पुष्टि की।
जांच में यह भी सामने आया कि बैंक खाते में दर्ज मोबाइल नंबर वास्तविक खाताधारक का नहीं था। पुलिस के मुताबिक, वास्तविक खाताधारक से पूछताछ में पता चला कि उसे बहला-फुसलाकर सिम नंबर लिया गया था।
कई फर्जी करंट खातों से जुड़ा नेटवर्क
पुलिस की जांच में पुनित तिवारी की भूमिका अन्य बैंक खातों को खुलवाने में भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, उसके द्वारा अलग-अलग बैंकों में Puneet Enterprises, Sujeet Enterprises, Suraj Enterprises, Dhiraj Traders और Tiwari Enterprises के नाम से करंट अकाउंट खुलवाए गए थे।
इसके अलावा कैमूर जिले के अन्य लोगों के बैंक खाते भी पुनित तिवारी द्वारा खुलवाए जाने तथा उन खातों से संबंधित जानकारी सिंडिकेट के अन्य सदस्यों के साथ साझा किए जाने की बात जांच में सामने आई है।
पुलिस पूरे मामले में बैंक खातों के लेन-देन, साइबर शिकायतों और सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ के आधार पर साइबर फ्रॉड से जुड़े नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
गिरफ्तार अभियुक्त:
पुनित तिवारी, पिता विनायक तिवारी, ग्राम कुड़ासन, थाना भभुआ, जिला कैमूर।
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