जमीन के लालच और मानसिक प्रताड़ना ने ली पति की जान, आरोपी पत्नी गिरफ्तार

अजीत मिश्रा (खोजी)
घर बना अखाड़ा: जमीन के लालच और मानसिक प्रताड़ना ने ली पति की जान, छावनी पुलिस के हत्थे चढ़ी आरोपी पत्नी
- अवैध संबंध और घरेलू विवाद का खौफनाक अंत: खुदकुशी के लिए उकसाने वाली पत्नी सलाखों के पीछे
- घर बना कुरुक्षेत्र: जमीन के लिए रची गई साजिश, पति की मौत के बाद पत्नी गिरफ्तार
- बस्ती: पति को आत्महत्या के लिए उकसाने वाली पत्नी गिरफ्तार, अवैध तमंचा बरामद
- रिश्तों का कत्ल: प्रताड़ना से तंग आकर पति ने दी जान, शिकंजे में आई पत्नी
बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र में पारिवारिक कलह और लालच की एक ऐसी खौफनाक दास्तान सामने आई है, जिसने रिश्तों के हर पवित्र बंधन को तार-तार कर दिया है। जमीन बेचकर रुपये ऐंठने की जिद, लगातार मानसिक प्रताड़ना और कथित अवैध संबंधों के दबाव ने एक हंसते-खेलते इंसान को मौत को गले लगाने पर मजबूर कर दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी पत्नी इन्द्रावती देवी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है, लेकिन यह घटना समाज के उस काले सच को बेनकाब करती है जहां घर ही अपनों के लिए कुरुक्षेत्र बन चुके हैं।
घटना गत 03 सितंबर 2026 की शाम ग्राम बहुरहवा की है, जब रामचहल यादव के घर से गोली चलने की आवाज ने सन्नाटा तोड़ दिया। इसके बाद शुरू हुआ ड्रामे का दौर—पत्नी इन्द्रावती का रोना-बिलखना और यह साबित करने की कोशिश कि पति ने खुदकुशी की है। लेकिन खाकी की पैनी नजर और गहन तफ्तीश ने इस पर्दाफाश कर दिया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि लगातार दिए जा रहे मानसिक और शारीरिक टॉर्चर का नतीजा थी। जांच में साफ हुआ कि इन्द्रावती रामचहल पर अपनी जमीन बेचकर दुकान बनवाने और बच्चों के भविष्य के नाम पर रुपये देने का बेजा दबाव बना रही थी। नशे की लत और घर के कलह से घिरे रामचहल जब मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गए, तो उन्होंने अपनी जीवनलीला ही समाप्त कर ली। हद तो तब हो गई जब पति की लाश उठी नहीं थी और आरोपी पत्नी ने सबूत मिटाने के लिए खौफनाक हथियार—अवैध तमंचे—को छिपाने का काम किया।
पुलिस की मुस्तैदी ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर धारा 103(1) के साथ-साथ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण की गंभीर धारा 108 बीएनएस की बढ़ोतरी कर शिकंजा कस दिया। प्रभारी निरीक्षक राणा देवेन्द्र प्रताप सिंह और उनकी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न सिर्फ आरोपी महिला को दबोचा, बल्कि उसकी निशानदेही पर 315 बोर का अवैध तमंचा और फायरशुदा खोखा भी बरामद कर लिया।
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति के आत्महत्या करने का नहीं है, बल्कि उस गिरते हुए सामाजिक ताने-बाने का आइना है जहां लालच और स्वार्थ के आगे रिश्तों की कोई कीमत नहीं रह जाती। कानून ने अपना शिकंजा कस दिया है और आरोपी सलाखों के पीछे है, लेकिन यह सवाल अनुत्तरित रह जाता है कि अपनों के हाथों अपनों का यह मानसिक वध समाज में कब तक और कितनी जिंदगियां लीलता रहेगा।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।






