अब खतरे में कतरास : गुहीबांध बस सटैंड के पीछे से खदान में पहुंच रहे कोयला चोर, पिलरों को काट कर रहे कमजोर

रानी बाजार के नीचे रात में अवैध कोयला खनन, पुराने पिलर कटने से जमीन हुई कमजोर , 10000 की आबादी पर भू -धंसान का बढ़ा खतरा,सांसद में लोगों की जान
विश्व हिन्दू परिषद के रंजीत रवानी और कतरास विधायक प्रतिनिधि बबलू बनर्जी ने किया खदान के मुहाने का मुआयना, रानी बाजार मैदान में बैठक आज
*धनबाद :* कतरास का हृदय स्थली और पौश इलाका में शुमार रानी बाजार में अब मंडराया खतरा। कतरास शहर के बीचो – बीच बसे रानी बाजार में जमीन के नीचे रात के अंधेरे में कोयले की कटाई की सूचना आने से लोगों में हड़कंप है. आरोप है कि कोयला चोर 26 साल पहले बंद सलानपुर 10 सीम की भूमिगत खदान में घुसकर पुराने पिलरों को काट रहे है.घनी आबादी के नीचे पुराने भूमिगत हिस्से में कथित अवैध खनन से जमीन कमजोर होने और भू-धंसान का खतरा बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है. रानी बाजार में करीब 1000 घरों में 10 हजार की आबादी रहती है. यहां डीएवी प्लस टू उच्च विद्यालय, डीएवी महिला महाविद्यालय, किड्स केयर , होली मदर्स स्कूल, ज्ञान शिशुमंदिर, कृष्णा मातृ सदन अस्पताल व स्वास्थ्य केन्द्र, काली मंदिर, गुरुद्वारा, स्वस्तिक सिनेमा हॉल, सामुदायिक भवन, पेट्रोल पंप है। यहां नीचे कोयले के अवैध उत्खनन से पांच स्कूल, आधा दर्जन कोचिंग सेंटर, रेल आवास, तीन धार्मिक स्थल, एक स्वास्थ्य केन्द्र, एक सिनेमा हॉल, एक फ़ुटबॉल ग्राउंड, एक पेट्रोल पंप पर खतरा मंडराने लगा है। मंडटा।
आज जुटेंगे ग्रामीण
समाजसेवी व पूर्व वियाडा अध्यक्ष विजय कुमार झा ने कहा कि रानी बाजार को किसी कीमत पर उजड़ने नहीं दिया जायेगा. कोयला चोरी के कारण घनी आबादी के नीचे जमीन खोखली होने नहीं दी जायेगी. मामले को लेकर 17 सितंबर की शाम रानीबाजार मैदान में ग्रामी्णों की बैठक होगी. इसमें अवैच खनन रोकने और रानी बाजार की सुरक्षा को लेकर आगे की रणनीति तय की जायेगी.
रेलवे के आवासीय मकान और फुटबॉल मैदान समेत कई महत्वपूर्ण संस्थान हैं. दुर्गापूजा के दौरान यहां बड़े पैमाने पर मेला भी लगता है.
सुबह होने से पहले बंद हो जाता है कोयला खनन
रानी बाजार इलाके के नीचे सलानपुर 10 सीम की भूमिगत खदान थी. सलानपुर 10 सीम(खदान), करीब 26 साल पहले हो गयी थी बंद.15 सितंबर को विश्व हिन्दू परिषद के रंजीत रवानी और कतरास विधायक प्रतिनिधि बबलू बनर्जी के साथ दर्जनों स्थानीय लोगों ने खदान के भीतर जाकर देखा तो हतप्रभ रह गये। लोगों के अनुसार, करीब 26 वर्ष पहले खदान बंद हो गयी. खनन के बाद बीसीसीएल की ओर से भूमिगत हिस्से में बालू भराई की गयी थी. हालोंकि खदान का एक मुहाना खुला रह गया था. आरोप है कि इसी रास्ते कोयला चोर भूमिगत हिस्से में पहुंच रहे हैं. स्थानीय लोगों के
अनुसार, गुहीबांध बस स्टैंड के पीछे उत्तर दिशा में बालू बैंकर की ओर से से झाड़-झंखाड़ो के बीच से होकर रात में लोग खदान के अंदर पहुंच रहे हैं.अंदर पिलरों को काटकर कोयला निकाला जा रहा है. काम रात में शुरू होता है और सुबह होने से पहले बंदकर दिया जाता है. बताया जा रहा है कि एक रात कोयला काटने और दूसरी रात उसे बाहर निकालने का काम किया जाता है. बड़े वाहनों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, ताकि गतिविधियों का पता न चले. कोयले को साइकिल और मोटरसाइकिल के जरिये बाहर ले जाने की बात कही जा रही है.
अंदर गये तो मिले खाली बोरे, पानी की बोतलें और कोयले से भरी बोरियां
रानी बाजार के कुछ युवकों को जब इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने 15 सितंबर को स्थल की जांच करने का प्रयास किया. काफी मशक्कत के बाद वे खदान के अंदर पहुंचे. युवकों के अनुसार, वहां पानी की बोतल,खाने के पैकेट और कोयले से भरी बोरियां मिलीं. फिसलन से बचने के लिए रास्ते में बोरे बिछे हुए थे.युवकों ने अंदर कोयला काटे जाने के निशान भी देखे. इसके बाद मामले की जानकारी स्थानीय लोगों औ रबीसीसीएल प्रबंधन को दी गयी.
जानकारी के बाद बीसीसीएल ने तैनात किये छह गार्ड
रानी बाजार निवासी पूर्व बियाड़ा अध्यक्ष विजय कुमार झा ने मामले की जानकारी बीसीसीएल प्रबंधन और सीआइएसएफ को दी. बीसीसीएल ने नौ सीम स्थल के पास छह सुरक्षा गार्ड तैनात किये हैं.
सीआइएसएफ यनिट-2 को दिये आवेदन में ग्रामीणों ने कहा है कि रानी बाजार धनबाद नगर निगम के वार्ड नंबर तीन की घनी आबादी वाला इलाका है. यहां करीब 10 हजार लोग रहते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कई स्रोतों से रानीबाजार के नीचे रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर अवैध खनन की जानकारी मिली थी.
ग्रामीणों ने चिह्नित मुहानों को तत्काल बंद कराने और पूरे रानी बाजार के आवासीय क्षेत्र,शैक्षणिक संस्थानों, कोचिंग सेंटरों, धार्मिक स्थलों और स्वास्थ्य केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चत करने की मांग की है. विजय कुमार झा ने गुहीबांध बस स्टैंड के पीछे संबंधित स्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा में तैनात कर्मियों से जानकारी ली.
*भू-धंसान का मंजर देख चुके हैं कतरासवासी:*
कतरास क्षेत्र के लोगों ने पिछले कुछ महीनों में भू-धंसान की कई घटनाएं देखी हैं. टंडाबाड़ी, सोनारडीह, छाताबाद, कैलूडीह, लकड़का,लिलटेन अंगारपथरा, रामकनाली , केशलपुर ,सेलेक्टेड गोविंद्पुर और सिजुआ समेत कई इलाकों में जमीन धंसने की घटनाएं हो चुकी हैं. इन घटनाओं में लोगों की जान गयी है और कई परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं. ऐसे में रानी बाजार के नीचे अवैध खनन की सूचना ने स्थानीय लोगों की नींद उडा़ दी है.
कतरास के बिना अधूरा है शहर धनबाद
हम आपको यहां बता दें कि कतरास काफी समृद्ध और पौश इलाका है। इसकी अपनी अलग ही साख है। अगर कतरास शहर पर आंच आती है तो धनबाद मुख्यालय भी अस्थिर हो जाएगा। यहां भारतीय क्लब, रेलवे इंस्टीट्यूट, काली मंदिर, बंगाल पाड़ा, स्वास्तिक सिनेमा जैसे कई धरोहर हैं जिनकी बदौलत कतरास का धनबाद जिले एक महत्वपूर्ण स्थान है। यह कस्बा नुमा शहर धनबाद के हृदय स्थली के रुप में जाना जाता है। इसका अपना अलग ही रसूख और जलवा है। यहां ओपी लाल जैसे नेता हुए जिन्होंने माफियाओं से लड़कर बिहार सरकार में मंत्री भी बने थे। यहां के स्वतंत्रता सेनानी रामानंद खेतान ने आजादी की लंबाई के समय कतरास थाना पर तिरंगा फहराया था।
बाघमारा विधानसभा का प्रमुख केन्द्र है कतरास
कतरास बाघमारा विधानसभा का प्रमुख केन्द्र है। यहां तीन पूर्व विधायकों का कार्यालय है। कतरास से ही नेताओं की चमकती है किस्मत।
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