Vande Bharat Live TV News
देश • राज्य • जिला — खबरें तेज़, साफ और विश्वसनीय तरीके से
Basti

स्वास्थ्य महकमे में ‘फर्जीवाड़े’ की बहार: बिना ‘डीएल’ और ‘जीएसटी’ के डकारे जा रहे करोड़ों!

15 Oct 2026, 01:08 PM • Vande Bharat Live TV News
📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅
स्वास्थ्य महकमे में 'फर्जीवाड़े' की बहार: बिना 'डीएल' और 'जीएसटी' के डकारे जा रहे करोड़ों! - BASTI, उत्तर प्रदेश

अजीत मिश्रा (खोजी)

​स्वास्थ्य महकमे में ‘फर्जीवाड़े’ का खेल: कौन करवा रहा बिना ‘डीएल’ और ‘जीएसटी’ के करोड़ों की खरीद?

​विशेष प्रतिनिधि | बस्ती

  • मरीजों की सांसों पर ‘कमीशन’ का सौदा: बिना लाइसेंस वाली फर्मों को करोड़ों का भुगतान क्यों?
  • ​बस्ती में ‘कागजी’ फर्मों का मायाजाल: 90% मेडिकल सप्लाई फर्जी, खामोश बैठा प्रशासन!
  • ​हाईकोर्ट के आदेशों की सरेआम धज्जियां: कौन बचा रहा स्वास्थ्य महकमे के ‘सफेदपोश’ लुटेरों को?
  • ​टैक्स चोरी और घटिया सामान: बिना जीएसटी बिल के निकला करोड़ों का फंड, अधोमानक उपकरणों से जान जोखिम में!
  • ​अधिकारियों की मिलीभगत: सीएमओ की कुर्सी से लेकर स्टोर तक फैला नेटवर्क, दोस्तों की फर्मों के नाम पर हो रही मलाई काटने की तैयारी!
  • ​प्रशासनिक लापरवाही: पीआईएल के बाद डीएम की जिम्मेदारी हुई थी तय, फिर भी बेखौफ घूम रहे घोटालेबाज!

​बस्ती के स्वास्थ्य महकमे में एक ऐसा बड़ा और सनसनीखेज घोटाला सामने आया है जिसने पूरे जिले के प्रशासनिक हलके में हड़कंप मचा दिया है। बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसकी शह पर बिना औषधि लाइसेंस (डीएल) और बिना जीएसटी (GST) नंबर वाली कागजी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये के सर्जिकल एवं मेडिकल उपकरणों की धड़ल्ले से खरीद की जा रही है और चुपचाप उनका भुगतान भी किया जा रहा है?

​जान से खिलवाड़: 90 फीसदी खरीद फर्जी फर्मों के हवाले

​चौंकाने वाले तथ्यों के मुताबिक, जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में लगभग 90 प्रतिशत मेडिकल उपकरणों की खरीद और आपूर्ति ऐसी फर्मों से कराई जा रही है जिनके पास न तो कोई वैध ड्रग लाइसेंस (DL) है और न ही कोई जीएसटी पंजीयन।

​बड़ा सवाल: जब फर्म के पास जीएसटी नंबर ही नहीं है, तो उसे करोड़ों रुपये का भुगतान किस आधार पर किया जा रहा है? यह सीधे तौर पर टैक्स चोरी के साथ-साथ सरकारी खजाने पर बड़ा डाका है।

 

​इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि बिना किसी गुणवत्ता मानक के खरीदे जा रहे ये अधोमानक (substandard) उपकरण मरीजों की जिंदगी से सीधा खिलवाड़ कर रहे हैं।

​अधिकारियों की भूमिका पर गहरे सवाल

​रिपोर्ट के अनुसार, जब से सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने कार्यभार संभाला है, तब से फर्जीवाड़े का यह नेटवर्क और अधिक सक्रिय हो गया है।

  • ​कमीशन का लालच: आरोप है कि भारी कमीशन के फेर में सीएमओ, एसआईसी, सीएमएस और एमओआईसी स्तर के अधिकारी ऐसी फर्मों को संरक्षण दे रहे हैं।

  • ​मुखौटा फर्में: सूत्रों का दावा है कि ‘एमपी नर्सिंग फर्म’ जैसी इकाइयों के जरिए मिश्राजी जैसे ऑपरेटर इस पूरे अवैध नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं।

  • ​नामजद दोस्तों का इस्तेमाल: जांच से बचने के लिए अफसर और बिचौलिए अपने करीबियों की फर्मों का इस्तेमाल कर उन्हें 2-4 लाख रुपये का मुनाफा थमा देते हैं और असली मलाई खुद डकार जाते हैं। इसमें ‘सीएमएसडी स्टोर’ के प्रभारी की भूमिका भी पूरी तरह संदिग्ध मानी जा रही है।

जनता की जिंदगी से खिलवाड़ और बड़ा वित्तीय घोटाला

  • ​रिपोर्ट के अनुसार, जिले में लगभग 90 प्रतिशत ऐसी फर्जी फर्मों से मेडिकल उपकरणों की खरीद और आपूर्ति कराई जा रही है जिनके पास न तो वैध ड्रग लाइसेंस है और न ही जीएसटी नंबर।

  • ​बिना जीएसटी नंबर के करोड़ों रुपये का भुगतान होना अपने आप में एक बहुत बड़ा जांच का विषय है, जिससे साफ जाहिर होता है कि बड़े पैमाने पर जीएसटी की चोरी की जा रही है।

  • ​इन अवैध फर्मों से केवल वित्तीय अनियमितता ही नहीं हो रही, बल्कि ऐसे घटिया और अधोमानक (substandard) उपकरण खरीदे जा रहे हैं जिनके इस्तेमाल से मरीजों की जान तक जा सकती है।

​प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों की भूमिका पर संदेह

  • ​आरोप है कि जब से सीएमओ डॉ. राजीव निगम आए हैं, तब से यह फर्जीवाड़ा तेजी से चल रहा है।

  • ​हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह नियम तय किया गया था कि बिना डीएल के मेडिकल उपकरणों की खरीद और भुगतान गैरकानूनी है, और इसके लिए सबसे पहले डीएम (जिलाधिकारी) और सीएमओ जिम्मेदार होंगे।

  • ​रिपोर्ट में यह भी इशारा किया गया है कि सीएमओ, एसआईसी, सीएमएस और एमओआईसी जैसी महत्वपूर्ण कुर्सियों पर बैठे अधिकारी भारी कमीशन के लालच में इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं। इसमें ‘एमपी नर्सिंग फर्म’ द्वारा काम किए जाने का भी दावा किया जा रहा है।

​निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की दरकार

  • ​चूंकि ऐसे अवैध कारोबार में अक्सर लोग अपने मित्रों की फर्जी फर्मों का इस्तेमाल कर उन्हें दो-चार लाख रुपये देकर उपकृत करते हैं, इसलिए इसमें सीएमएस स्टोर के प्रभारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आती है।

  • ​यदि समय रहते जिलाधिकारी (डीएम) इस मामले में संज्ञान लेकर सख्त जांच नहीं करते हैं, तो यह माना जाएगा कि सिस्टम के भीतर ही मिलीभगत से हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों की सरेआम अवहेलना की जा रही है।

​हाईकोर्ट के सख्त आदेशों की सरेआम धज्जियां

​उच्च न्यायालय (High Court) के स्पष्ट दिशानिर्देश हैं कि बिना वैध डीएल के किसी भी मेडिकल उपकरण की खरीद और भुगतान पूर्णतः अवैध है। 2007 में घटिया व नकली दवाओं से हुई मौतों के बाद आई पीआईएल (PIL) पर आदेश देते हुए कोर्ट ने डीएम को इसके लिए सीधे तौर पर जवाबदेह बनाया था।

क्या डीएम करेंगे कड़ी कार्रवाई?

​जब-जब बड़े मामलों में शीर्ष अधिकारियों की कथित संलिप्तता या अनदेखी होती है, तब-तब घोटालेबाज खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करते हैं। अब देखना यह है कि क्या बस्ती के जिलाधिकारी (DM) इस पूरे फर्जीवाड़े पर संज्ञान लेकर उच्च स्तरीय जांच बिठाते हैं और हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने वाले इन ‘सफेदपोश’ अधिकारियों पर गाज गिराते हैं, या फिर यह फाइल भी ठंडे बस्ते में डाल दी जाएगी?

📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅

🔔 Vande Bharat News Alerts

नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।

संबंधित और ताज़ा खबरें

केनौना में धड़ल्ले से बिक रही कच्ची शराब: छावनी थाना क्षेत्र के केनौना गांव में सुबह-शाम अवैध शराब की बिक्री का मामला गरमाया, पीड़ित महिला ने एसपी और मुख्यमंत्री पोर्टल से लगाई गुह
मोबाइल टावर पर चढ़ी किशोरी, मचा हड़कंप; प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा मामला
Siddharthnagar15 Oct

मोबाइल टावर पर चढ़ी किशोरी, मचा हड़कंप; प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा मामला

सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक करीब 15 वर्षीय किशोरी मोबाइल…

पूरी खबर पढ़ें →
कोटा महापौर अनुसुइया गोस्वामी सुबह-सुबह सड़कों पर उतरीं, पार्षदों के साथ लगाया झाड़ू
Rajsamand15 Oct

कोटा महापौर अनुसुइया गोस्वामी सुबह-सुबह सड़कों पर उतरीं, पार्षदों के साथ लगाया झाड़ू

कोटा। शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश देने के उद्देश्य…

पूरी खबर पढ़ें →
Vande Bharat Live TV NewsVande Bharat Live TV News
Haridwar15 Oct

रामलीला के मंच से बहादराबाद पुलिस ने दिया साइबर सुरक्षा का संदेश, ‘डिजिटल रावण’ से बचने की अपील।

फुरकान अंसारी। हरिद्वार। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से बहादराबाद पुलिस…

पूरी खबर पढ़ें →
मिशन शक्ति का असर: एक दिन की थानेदार बनीं 12वीं की छात्रा वैष्णवी, सुनीं फरियादियों की समस्याएं
Mahrajganj15 Oct

मिशन शक्ति का असर: एक दिन की थानेदार बनीं 12वीं की छात्रा वैष्णवी, सुनीं फरियादियों की समस्याएं

सिकरीगंज/गोरखपुर सिकरीगंज थाने में छात्रा वैष्णवी बनीं थानेदार, पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से जाना मिशन शक्ति का…

पूरी खबर पढ़ें →
error: Content is protected !!