सीएम हेल्पलाइन में दूसरे व्यक्ति का प्रकरण दर्ज कर किया स्पेशल क्लोज, शिकायत के निराकरण पर उठे सवाल

नक्शा सुधार के लिए भटक रहा आवेदक, हल्का पटवारी पर स्थल जांच नहीं करने और गलत प्रतिवेदन देने का आरोप
देवभोग। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। देवभोग निवासी विष्णु प्रसाद अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि भूमि के नक्शा सुधार से संबंधित शिकायत का वास्तविक निराकरण किए बिना ही सीएम हेल्पलाइन में किसी अन्य व्यक्ति का प्रकरण दर्ज कर उसे स्पेशल क्लोज कर दिया गया। इससे शिकायतों के निराकरण की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विष्णु प्रसाद अग्रवाल ने भूमि के नक्शा सुधार के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। इस पर तहसीलदार द्वारा संबंधित हल्का पटवारी को स्थल जांच करने के निर्देश दिए गए थे। आवेदक का आरोप है कि पटवारी ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्थल जांच नहीं की।
आवेदक के अनुसार, स्थल जांच के लिए सीमावर्ती किसानों को सूचना दिए जाने के बावजूद मौके पर वास्तविक जांच नहीं की गई। इसके बाद पटवारी द्वारा किसी अन्य प्रकरण से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने का आरोप है। आवेदक का कहना है कि इस प्रतिवेदन के कारण वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी और संबंधित कार्यालय को गलत जानकारी मिलने की आशंका बनी रही।
दोबारा निर्देश के बाद भी जांच नहीं होने का आरोप
विष्णु प्रसाद अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में उच्च अधिकारी को लिखित रूप से शिकायत की थी। इसके बाद तहसीलदार द्वारा पुनः हल्का पटवारी को स्थल जांच के लिए निर्देश जारी किए गए। इसके बावजूद आवेदक के अनुसार, दोबारा भी स्थल जांच नहीं की गई।
इसके बाद आवेदक ने अपनी समस्या के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज नंबर Wp260800156105 एवं CC 260800138030 कराई। आवेदक का आरोप है कि उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई करने के बजाय सीएम हेल्पलाइन में किसी दूसरे व्यक्ति का प्रकरण दर्ज नंबर Cc260700119980 दर्जकर उसे स्पेशल क्लोज कर दिया गया।
शिकायत का निराकरण हुआ या केवल पोर्टल पर बंद कर दिया गया प्रकरण?
आवेदक ने सवाल उठाया है कि जब शिकायत उनकी भूमि के नक्शा सुधार और स्थल जांच से संबंधित थी, तो उसके निराकरण के रिकॉर्ड में किसी अन्य व्यक्ति का प्रकरण कैसे दर्ज हुआ? यदि शिकायत का वास्तविक निराकरण नहीं हुआ, तो उसे स्पेशल क्लोज करने का आधार क्या था?
यह मामला प्रशासनिक शिकायतों के ऑनलाइन निराकरण की प्रक्रिया की जांच की आवश्यकता को सामने लाता है। यदि पोर्टल पर गलत प्रकरण दर्ज होने या गलत जानकारी के आधार पर शिकायत बंद किए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए।
निष्पक्ष जांच की मांग
विष्णु प्रसाद अग्रवाल ने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने, सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरण के रिकॉर्ड का सत्यापन करने, संबंधित पटवारी के प्रतिवेदन की जांच कराने तथा भूमि के नक्शा सुधार के लिए नियमानुसार स्थल जांच कर ।वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और आवेदक की मूल शिकायत का वास्तविक निराकरण कब तक होता है।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।






