आगर-मालवा। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व को लेकर आगर-मालवा में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार दशहरे पर 51 फीट ऊंचा रावण आकर्षण का केंद्र रहेगा। खास बात यह है कि रावण का पुतला केवल ऊंचाई में ही बड़ा नहीं होगा, बल्कि उसकी झपकती पलकें और हिलता हुआ तलवार वाला हाथ भी लोगों का ध्यान खींचेगा। रावण के साथ मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले भी तैयार किए जा रहे हैं।
दशहरे पर रावण दहन के लिए पुतले बनाने का काम इन दिनों जोर-शोर से चल रहा है। रावण का पुतला 51 फीट ऊंचा, जबकि मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले 25-25 फीट ऊंचे बनाए जा रहे हैं। पुतलों को आकर्षक रूप देने के लिए कारीगर विशेष मेहनत कर रहे हैं। रावण की आंखों और हाथों की गतिविधियों को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि वह युद्ध के लिए ललकारता नजर आए।
*15 साल से आगर में पुतले बना रहे कदीर अहमद*
आगरा (उत्तर प्रदेश) से आए कदीर अहमद पिछले करीब 15 वर्षों से आगर-मालवा में रावण के पुतले तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुतले बनाने का काम उनके बुजुर्ग भी करते थे। परिवार से मिली इस पारंपरिक कला को आगे बढ़ाते हुए वे हर साल दशहरे पर रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले बनाते हैं।
इस बार 51 फीट के रावण की झपकती पलकें और तलवार वाला हिलता हाथ दशहरा उत्सव में खास रोमांच भरेंगे। पुतलों के निर्माण के साथ ही शहर में रावण दहन को लेकर उत्सुकता बढ़ने लगी है।