हाईकोर्ट के आदेश पर कैमूर में बड़ी जांच! तीन आश्रय संस्थानों का हुआ औचक निरीक्षण

उच्च न्यायालय में दायर CWJC संख्या 1848/2022 के आलोक में हुई जांच, बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और रहन-सहन का लिया गया जायजा
भभुआ (कैमूर)। माननीय उच्च न्यायालय में दायर CWJC संख्या 1848/2022 के आलोक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं जिला बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त टीम ने बुधवार को जिले के तीन बाल संरक्षण एवं आश्रय संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षित संस्थान केवा (चैनपुर), विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान भभुआ तथा आश्रय गृह दादर (मोहनिया) की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर के सचिव डॉ. शैल एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक राज कुमार सिंह के नेतृत्व में किया गया। टीम ने तीनों संस्थानों में आवासित बच्चों एवं अन्य लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान बच्चों के रहन-सहन, भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य आधारभूत संसाधनों का बारीकी से निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित संस्थानों के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों से आवश्यक जानकारी भी प्राप्त की गई। जांच में तीनों संस्थानों की समग्र व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। किसी प्रकार की विशेष अव्यवस्था, अनियमितता अथवा असुविधा की शिकायत सामने नहीं आई।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ. शैल ने संस्थान के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि बच्चों और जरूरतमंद लाभार्थियों की देखभाल, सुरक्षा, संरक्षण एवं पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सम्मानजनक वातावरण, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। बच्चों के अधिकारों एवं उनके सर्वोत्तम हितों की रक्षा करना सभी संबंधित कर्मियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
वहीं, जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक राज कुमार सिंह ने बाल संरक्षण से संबंधित नियमों एवं निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन करने तथा संस्थानों की व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखने का निर्देश दिया।
उल्लेखनीय है कि इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य उच्च न्यायालय में लंबित CWJC संख्या 1848/2022 के आलोक में संस्थानों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना तथा वहां रह रहे बच्चों एवं अन्य लाभार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने की स्थिति सुनिश्चित करना था। निरीक्षण के बाद तीनों संस्थानों की व्यवस्था संतोषजनक बताई गई।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
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