(छ.ग.)महादेव बेटिंग ऐप केस में बड़ा अपडेट: सौरभ चंद्राकर के बाद अब रवि उप्पल दुबई में गिरफ्तार, जानिये कौन है रवि उप्पल

रायपुर 4 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। ऐप के सह-संस्थापक और मुख्य आरोपी रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई है। यह कार्रवाई सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के कुछ दिन बाद हुई है। हालांकि, अभी तक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की ओर से भारत को गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। भारतीय एजेंसियों को अनौपचारिक सूत्रों के जरिए इस गिरफ्तारी की जानकारी मिली है।रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) अब रवि उप्पल को जल्द से जल्द भारत लाने की कोशिश में जुटी हैं। एजेंसियां UAE के अधिकारियों के साथ आधिकारिक प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।
सौरभ चंद्राकर के बाद रवि उप्पल पर शिकंजा
महादेव बेटिंग ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को प्रमुख आरोपी और ऐप का सह-संस्थापक बताया गया है। दोनों पर दुबई से कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित करने के आरोप हैं।
हाल ही में भारतीय एजेंसियों ने सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत प्रत्यर्पित कराया था। इसके बाद रायपुर की विशेष अदालत ने CBI को पूछताछ के लिए उसकी आठ दिन की हिरासत दी है। अब रवि उप्पल की दुबई में गिरफ्तारी की खबर से इस मामले में जांच का दायरा और आगे बढ़ने की संभावना है।
कौन है रवि उप्पल, क्या थी महादेव ऐप में भूमिका?
रवि उप्पल छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है और महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप का सह-संस्थापक है। ED की जांच के अनुसार, वह सौरभ चंद्राकर के साथ दुबई में ऐप का मुख्य कार्यालय संचालित करता था।
जांच एजेंसी का आरोप है कि रवि उप्पल की भूमिका केवल बेटिंग नेटवर्क के संचालन तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह कथित तौर पर करोड़ों रुपये के हवाला लेनदेन और वित्तीय नेटवर्क को भी संभालता था।
ED के अधिकारियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के कुछ नेताओं और नौकरशाहों के साथ संपर्क बनाए रखने की जिम्मेदारी भी रवि उप्पल के पास थी। हालांकि, ये जांच एजेंसी के आरोप हैं, जिनकी पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होनी बाकी है।
हवाला नेटवर्क और मनी ट्रेल की खुलेगी परत?
रवि उप्पल की गिरफ्तारी को जांच एजेंसियां महत्वपूर्ण मान रही हैं। ED उससे पूछताछ कर महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े कथित हवाला नेटवर्क, पैसों के लेनदेन और अवैध कमाई के लाभार्थियों का पता लगाना चाहती है।
जांच एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान नेटवर्क के वित्तीय संचालन, अलग-अलग पैनल संचालकों और भारत से विदेश तक भेजी गई कथित रकम से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
इसके अलावा जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि इस पूरे नेटवर्क में किन लोगों की क्या भूमिका थी और कथित अवैध कमाई का लाभ किन लोगों तक पहुंचा।
पहले भी दुबई में हिरासत में लिया गया था रवि उप्पल
रवि उप्पल के खिलाफ अक्टूबर 2023 में इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद दिसंबर 2023 में दुबई के अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया था। हालांकि, करीब 45 दिन बाद उसे छोड़ दिया गया था।
जनवरी 2024 में ED ने UAE को उसके प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध भेजा था। जांच एजेंसी के मुताबिक, रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर के पास वानुअतु के पासपोर्ट भी हैं।
विकास छपरिया पर भी एजेंसियों की नजर
महादेव बेटिंग ऐप मामले में एक अन्य आरोपी विकास छपरिया भी दुबई में मौजूद बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां उसे भी भारत लाने की कोशिश कर रही हैं।
रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर और सौरभ चंद्राकर के भारत प्रत्यर्पण के बाद अब जांच एजेंसियों का फोकस कथित वित्तीय नेटवर्क और इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचने पर है।
फिलहाल UAE की ओर से रवि उप्पल की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। उसके भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद महादेव बेटिंग ऐप मामले में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
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