कांठ में भाकियू टिकैत ने किसानों की समस्याओं को लेकर उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

KANTH (MORADABAD)। भारतीय किसान यूनियन टिकैत संगठन की मासिक बैठक बुधवार को तहसील परिसर कांठ में आयोजित की गई। बैठक का नेतृत्व तहसील अध्यक्ष चौधरी दर्शन सिंह ने किया। इसमें क्षेत्र के किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद किसानों ने समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर उपजिलाधिकारी कांठ स्निग्धा चतुर्वेदी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि कांठ क्षेत्र में तेंदुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। किसान और ग्रामीण खेतों में तेंदुओं का सामना कर रहे हैं तथा अब तेंदुए घरों से ग्रामीणों को खींचकर हमला कर रहे हैं। इसके बावजूद वन विभाग और शासन स्तर से ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। संगठन ने कांठ क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पिंजड़े लगाकर तेंदुओं को पकड़ने की मांग की। साथ ही रात के समय विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने की मांग की, ताकि ग्रामीण खेतों और आसपास तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रख सकें। किसानों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि निर्धारित शेड्यूल के अनुसार विद्युत आपूर्ति नहीं मिल रही है। वहीं गलत बिजली बिलों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिसके कारण उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर पा रहे हैं और विभाग द्वारा उनके कनेक्शन काटे जा रहे हैं। संगठन ने गलत बिलों को तत्काल दुरुस्त कराने तथा कनेक्शन काटने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।
ज्ञापन में किसानों के लिए कांठ क्षेत्र में मिट्टी जांच केंद्र स्थापित करने की पुरानी मांग को भी दोहराया गया। संगठन ने कहा कि स्थान निर्धारित कर जल्द से जल्द मिट्टी जांच केंद्र की स्थापना की जाए। बढ़ती लागत का हवाला देते हुए गन्ना किसानों को राहत देने के लिए गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की गई। साथ ही चीनी के बढ़ते दामों का लाभ किसानों को भी देने की बात कही गई। किसानों ने क्षेत्र में गन्ने की फसल में फैल रहे रोग पर चिंता जताते हुए गन्ना विभाग और चीनी मिलों से बड़े स्तर पर अभियान चलाकर रोग को नियंत्रित करने की मांग की। इसके अलावा क्रय केंद्रों पर 18 क्विंटल और 27 क्विंटल की दो श्रेणियों में तौल की व्यवस्था आगामी गन्ना पेराई सत्र से अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि इस संबंध में नई गन्ना नीति में भी प्रावधान किया गया है। ज्ञापन में सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण लगने वाले जाम पर रोक लगाने, कांठ क्षेत्र के तिराहों और चौराहों पर गोल चक्र बनाए जाने तथा कांवड़ यात्रा के बाद फिर से सड़कों के किनारे कूड़ा डालने की समस्या का समाधान कराने की मांग भी की गई। किसानों ने कहा कि सड़क किनारे डाला जा रहा कूड़ा सड़क को संकरा करने के साथ खेतों की मिट्टी को भी दूषित कर रहा है।
भाकियू टिकैत पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि किसानों की समस्याओं और मांगों का शीघ्रता एवं प्राथमिकता के आधार पर समाधान नहीं किया गया तो संगठन कांठ में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। इस अवसर पर भाकियू टिकैत के प्रदेश उपाध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश चौधरी ऋषिपाल सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष अंगद सिंह, सियाराम बिश्नोई, पंकज बिश्नोई, महेश ठाकुर, अजय कुमार, नौबत सिंह, कादिर खान, नगर अध्यक्ष एवं तहसील मीडिया प्रभारी अरविंद बिश्नोई उर्फ जॉनी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं किसान मौजूद रहे।
Report: Pankaj Kumar, Kanth ✍️
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