बस्ती: कोतवाली, नगर और लालगंज में सक्रिय हो रहे तीन गैंगों को किया चिन्हित

अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती में अपराध की दुनिया में नाबालिगों की एंट्री, पुलिस के रडार पर 3 गैंग
बस्ती। जिले में अपराध की दुनिया में कम उम्र के लड़कों की बढ़ती दखल ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया रील्स, हथियारों का दिखावा और रातों-रात डॉन बनने की चाहत में किशोर और युवा तेजी से अपराध के दलदल में धंस रहे हैं। शातिर बदमाश इनका ब्रेनवॉश कर अपने गैंग में भर्ती कर रहे हैं। पुलिस ने जिले में ऐसे तीन गैंग को चिन्हित किया है और उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए ऑपरेशन शुरू कर दिया है।अपराध की दुनिया में कम उम्र के लड़कों (नाबालिगों और युवाओं) की एंट्री पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। सोशल मीडिया रील्स, हथियारों का दिखावा और रातों-रात मशहूर होने की चाहत के कारण ये तेजी से आपराधिक गिरोहों के दलदल में फंस रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने जिले में तीन ऐसे गैंगों को चिन्हित किया है, जिनके सरगना बेहद शातिर हैं और नई उम्र के लड़कों की अपने गैंग में भर्ती कर उन्हें अपराध का पाठ पढ़ा रहे हैं।
कोतवाली, नगर और लालगंज में सक्रिय हैं गैंग
पुलिस के अनुसार चिन्हित किए गए तीनों गैंग कोतवाली, नगर और लालगंज थाना क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इन गैंग के सरगना बेहद शातिर हैं जो नई उम्र के लड़कों को पैसा, रुतबा और सोशल मीडिया पर पहचान का लालच देकर अपराध का पाठ पढ़ा रहे हैं।
इस मामले पर एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया, “जिले में नई उम्र के लड़कों के तीन गैंग मौजूदा समय में चिन्हित किए गए हैं, जिनमें कोतवाली, नगर और लालगंज थानाक्षेत्र के गैंग शामिल हैं। पुलिस टीमें इन गैंग से जुड़े प्रत्येक सदस्य पर शिकंजा कस रही हैं और शातिरों की धरपकड़ के साथ इनके सक्रिय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा रहा है।”
इन वारदातों से खुली पोल
- टोल प्लाजा मुठभेड़: हाल ही में शहर कोतवाली के मड़वानगर टोल प्लाजा के पास असलहों से लैस युवाओं से पुलिस का आमना-सामना हुआ था। पुलिस ने घेराबंदी कर तीन युवकों को दबोच लिया था, जबकि उनके कई साथी मौके से फरार हो गए थे।
- फिरौती और हत्या का गैंग: नगर थानाक्षेत्र में एक गैंग फिरौती से लेकर हत्या जैसी संगीन वारदातों को अंजाम दे रहा है।
- बाहर जाकर सुपारी लेना: लालगंज थानाक्षेत्र में सक्रिय गैंग का नेटवर्क अब जिले से बाहर तक फैल रहा है। इस गैंग ने हाल ही में संतकबीरनगर में एक हत्या की सुपारी ली थी, हालांकि पुलिस की सक्रियता के चलते वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सका।
सोशल मीडिया का नशा और हथियारों का दिखावा
पुलिस जांच में सामने आया है कि अधिकतर युवा सोशल मीडिया प्रोफाइल पर हथियार और गैंगस्टर गानों के साथ रील बनाकर खुद को ‘डॉन’ साबित करना चाहते हैं। इसी चक्कर में वे ऐसे लोगों के संपर्क में आते हैं जो उन्हें अवैध असलहा उपलब्ध कराते हैं।
इसके अलावा इन नाबालिगों का इस्तेमाल नशे की तस्करी में भी किया जा रहा है, क्योंकि पुलिस उन पर जल्दी शक नहीं करती। इसे देखते हुए पुलिस ने जिले में डिजिटल और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि अभिभावकों को भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी होगी।
सोशल मीडिया और नशे का नाता:
- डॉन बनने की चाह: युवा सोशल मीडिया प्रोफाइल पर हथियारों और गैंगस्टर गानों के साथ रील बनाकर खुद को ‘डॉन’ साबित करना चाहते हैं और इसके लिए वे ऐसे लोगों के संपर्क में आने का प्रयास करते हैं जो उन्हें असलहा उपलब्ध करा सकें।
- नशे की तस्करी: लड़कों का नशे की तस्करी में भी इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि पुलिस उन पर जल्दी शक नहीं करती है, जिसके चलते पुलिस ने डिजिटल और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ा दी है।
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