विश्व मंच पर चमका सोनभद्र का सितारा, रेणुकूट के रवि सिंह ने जीता अंतरराष्ट्रीय ब्रॉन्ज़ मेडल

रेणुकूट सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_जनपद सोनभद्र की औद्योगिक नगरी रेणुकूट के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक गौरव का साक्षी बन गया।
हिण्डालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रेणुकूट के बॉयलर को-जेनरेशन विभाग में कार्यरत प्रतिभाशाली खिलाड़ी रवि सिंह ने थाईलैंड के पटाया शहर में आयोजित 9वीं हीरोज़ ताईक्वानडो इंटरनेशनल चैम्पियनशिप-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष अंडर-58 किलोग्राम भार वर्ग में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर भारत का तिरंगा अंतरराष्ट्रीय मंच पर गर्व के साथ लहराया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में विश्व के 32 देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया, जहां कड़े मुकाबलों के बीच रवि सिंह ने अपने अदम्य साहस, अनुशासन और बेहतरीन तकनीक के दम पर भारत के नाम एक और अंतरराष्ट्रीय पदक दर्ज कराया। 
रवि सिंह की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरे भारत, उत्तर प्रदेश, सोनभद्र और रेणुकूट के लिए गौरव का विषय बन गई है। सीमित संसाधनों के बावजूद निरंतर अभ्यास, दृढ़ इच्छाशक्ति और खेल के प्रति समर्पण ने उन्हें विश्व स्तर पर पहचान दिलाई। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती, बल्कि मेहनत और लगन हर मंजिल तक पहुंचने का रास्ता बना देती है।
स्वर्गीय महामाया प्रसाद सिंह के पुत्र रवि सिंह लंबे समय से हिण्डालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रेणुकूट के बॉयलर को-जेनरेशन विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने खेल के प्रति अपने जुनून को कभी कम नहीं होने दिया। वर्षों की कठोर मेहनत, नियमित प्रशिक्षण और मजबूत आत्मविश्वास का परिणाम आज पूरे देश ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देखा।
ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने के बाद रवि सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दिवंगत माता-पिता के आशीर्वाद, टीम कोच हरप्रीत सिंह, राकेश कुमार एवं रंजीत सूरज के मार्गदर्शन और निरंतर प्रेरणा को दिया। उन्होंने कहा कि कोचों की मेहनत, विश्वास और सही दिशा ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।
उन्होंने हिण्डालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रेणुकूट के यूनिट प्रमुख समीर नायक, क्लस्टर एचआर हेड जसबीर सिंह, एचआर हेड अजय सिन्हा, बॉयलर को-जेनरेशन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा अपने सभी सहकर्मियों के प्रति भी विशेष आभार व्यक्त किया। रवि सिंह ने कहा कि संस्थान द्वारा मिला सहयोग, प्रोत्साहन और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा, जिसकी बदौलत वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के लिए पदक जीतने में सफल हुए।
रवि सिंह की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उनके परिवार, मित्रों, शुभचिंतकों तथा हिण्डालको परिवार में उत्साह और खुशी का माहौल है। जनपद के जनप्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों, सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न संस्थाओं ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि रवि सिंह ने न केवल जिले का मान बढ़ाया है, बल्कि देश के युवाओं के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
देश के लिए गर्व का क्षण
थाईलैंड की धरती पर जब भारतीय तिरंगा सम्मान के साथ लहराया और रवि सिंह के गले में ब्रॉन्ज़ मेडल सजा, तब वह क्षण केवल एक खिलाड़ी की जीत नहीं था, बल्कि पूरे भारत की खेल प्रतिभा, सोनभद्र की मिट्टी की ताकत और रेणुकूट के युवा जज़्बे की वैश्विक पहचान बन गया। रवि सिंह की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की नई प्रेरणा देती रहेगी। 🇮🇳🏅
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