भगवान के दरबार में सेंधमारी: हर्रैया में मंदिर चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

अजीत मिश्रा (खोजी)
- रोहित शर्मा (आयु: 22 वर्ष) – निवासी: एकडंगी
- सुबाष गिरी (आयु: 32 वर्ष) – निवासी: थाना खास (गोसाई पुरवा), हर्रैया
इस मामले में एक अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
: हर्रैया में मंदिर चोरी का खुलासा, आस्था के केंद्रों पर मंडराता खतरा
- हाइवे पर बिक रही थी भगवान की घंटियां: दान पात्र और पीतल के बर्तनों के साथ शातिर दबोचे गए
- बस्ती में आस्था पर प्रहार: कोहले समय माता मंदिर चोरी कांड में पुलिस के हत्थे चढ़े चोर, एक फरार
- रामभरोसे ग्रामीण मंदिर: चोरों ने उड़ाए 11 किलो से ज्यादा वजनी घंटे, राहगीरों और चालकों को बेचा सामान
हरैया – बस्ती। आस्था के केंद्रों को सुरक्षित और पवित्र मानने वाले श्रद्धालुओं के मुंह पर यह घटना एक करारा तमाचा है। बस्ती जिले के हर्रैया थाना क्षेत्र स्थित कोहले समय माता मंदिर में हुई चोरी का खुलासा भले ही पुलिस ने कर दिया हो, लेकिन यह वारदात उस गहरे सामाजिक और नैतिक पतन की गवाही देती है, जहां बदमाशों ने भगवान के दरबार को भी नहीं बख्शा।
पुलिस की गिरफ्त में आए दो आरोपी—रोहित शर्मा और सुबाष गिरी—और उनके पास से बरामद सामान की फेहरिस्त इस बात का पुख्ता सुबूत है कि अपराधियों के हौसले किस हद तक बुलंद हैं। मंदिर के दान पात्र, 11 किलो से अधिक वजनी बड़े घंटे, मध्यम आकार के घंटे और दर्जनों छोटी घंटियों की बरामदगी यह बताने के लिए काफी है कि यह सिर्फ एक चोरी नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर पनप रहे शातिर चोरों के एक दुस्साहसिक रैकेट का नतीजा है।
सबसे शर्मनाक और चिंताजनक पहलू यह है कि चोरों ने मंदिर से चुराए गए पीतल के लोटों को राहगीरों और हाईवे के ट्रक चालकों को बेच डाला। जब धार्मिक स्थलों का सामान खुलेआम बाजारों या रास्तों पर बिकने लगे, तो यह समाज के अंतरात्मा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या हमारे मंदिर अब चोरों के लिए आसान और सुरक्षित ठिकाने बन चुके हैं? ग्रामीण अंचलों में बने इन मंदिरों की सुरक्षा हमेशा से ‘रामभरोसे’ रही है, और इसी लापरवाही का फायदा उठाकर अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
हर्रैया पुलिस की मुस्तैदी सराहनीय है, जिसने समय रहते जाल बिछाया और आरोपियों को दबोचकर मु0अ0सं0 253/2026 के तहत कानूनी शिकंजा कसा। धाराओं में बढ़ोतरी और लगातार दबिश इस बात का संकेत है कि पुलिस इस मामले को हल्के में नहीं ले रही है। हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर एक आरोपी का फरार हो जाना यह याद दिलाता है कि पुलिस और कानून-व्यवस्था के सामने अभी भी चुनौतियां कम नहीं हुई हैं।
सिर्फ माल की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी से लोगों की आहत आस्था वापस नहीं लौट आएगी। यह घटना चेतावनी है कि ग्रामीण और शहरी इलाकों के छोटे मंदिरों को सुरक्षा कवच की सख्त जरूरत है। जब तक ग्राम स्तर पर निगरानी मजबूत नहीं होगी और इस तरह के सामान खरीदने वालों पर नकेल नहीं कसी जाएगी, तब तक आस्था के इन केंद्रों पर मंडराता खतरा यूं ही बना रहेगा। पुलिस को चाहिए कि इस नेटवर्क के हर उस शख्स तक पहुंचे, जिसने इन चोरों से चोरी का सामान खरीदा है, ताकि इस काली कमाई के कारोबार की जड़ें पूरी तरह से काटी जा सकें।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।




