Vande Bharat Live TV News
देश • राज्य • जिला — खबरें तेज़, साफ और विश्वसनीय तरीके से
उत्तर प्रदेश

सैकड़ों ट्रॉली मिट्टी गायब, एक सीज कर रस्म-अदायगी: घघौवा में अवैध खनन पर ‘खाकी’ की लीपापोती!

03 Aug 2026, 12:27 PM • Vande Bharat Live TV News
📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅
1785739953395

अजीत मिश्रा (खोजी)

घघौवा चौकी क्षेत्र में अवैध खनन: बड़ी मछलियों को बचाने और छोटी कार्रवाई से खानापूरी का खेल?

  • बस्ती में अवैध खनन का बड़ा खेल: JCB से छल गया सरकारी तालाब, छोटी कार्रवाई कर वाहवाही लूटने की कोशिश!
  • चौकी प्रभारी की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल: ट्रांसफर के बाद भी विवादों में घघौवा प्रभारी पंकज त्यागी का कार्यकाल!
  • घघौवा में बेखौफ खनन माफिया: पुलिस की नाक के नीचे खुदा रिधौरा का तालाब, निष्पक्ष जांच की मांग!
  • बड़ी मछलियों पर मेहरबानी, छोटी कार्रवाई से खानापूरी! आखिर खनन माफिया पर मौन क्यों है पुलिस?
  • सैकड़ों ट्रॉली मिट्टी का अवैध उठान और सीज महज एक! क्या पूरी कहानी पर पर्दा डालने का था प्रयास?
  • खुलेआम गरजती रही JCB, फिर भी सोता रहा महकमा: खाकी के संरक्षण में तो नहीं चल रहा था अवैध खनन?

बस्ती: जिले के हर्रैया थाना अंतर्गत घघौवा चौकी क्षेत्र में अवैध खनन का खेल किसी से छिपा नहीं है। हाल ही में रिधौरा गांव के सरकारी तालाब से धड़ल्ले से हो रहे अवैध मिट्टी के खनन ने प्रशासनिक सुस्ती और मिलीभगत की पोल खोल दी है। इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन चौकी प्रभारी पंकज त्यागी की भूमिका एक बार फिर से गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है, जिनका कार्यकाल उनके ट्रांसफर के बाद भी अपनी कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में छाया हुआ है।

IMG 20260803 WA0361

​सरकारी तालाब बना अवैध खनन का अखाड़ा

​सूत्रों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, रिधौरा गांव में स्थित सरकारी तालाब से लगातार जेसीबी मशीनों के जरिए अवैध रूप से मिट्टी का खनन कराया जा रहा था। दिन-रात सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर बेखौफ होकर मिट्टी ढोते रहे, लेकिन जिम्मेदार महकमा गहरी नींद में सोया रहा। सवाल यह उठता है कि जब खुलेआम भारी-भरकम मशीनों (JCB) से खनन हो रहा था, तो स्थानीय पुलिस और खनन विभाग के नुमाइंदों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? क्या यह सब बिना किसी मौन संरक्षण के संभव था?

​खानापूरी की इंतहा: सैकड़ों ट्रॉली गायब, सीज सिर्फ एक!

​अवैध खनन का यह खेल जब मीडिया और जनता के दबाव में उजागर हुआ, तो पुलिस ने अपनी लीपापोती शुरू की। कार्रवाई के नाम पर केवल एक ट्रॉली को सीज कर पूरे प्रकरण पर पर्दा डालने का कुत्सित प्रयास किया गया।

​यह सवाल हर जिम्मेदार नागरिक के जेहन में है कि:

  • ​जब सैकड़ों ट्रॉली मिट्टी का अवैध उठान हो चुका था, तो कार्रवाई महज एक वाहन तक क्यों सीमित रही?
  • ​क्या यह बड़ी मछलियों को बचाने और महज ‘वाहवाही’ लूटने का एक सोचा-समझा शगूफा था?
  • ​इतनी बड़ी मात्रा में मिट्टी के अवैध परिवहन और राजस्व चोरी के बावजूद अन्य वाहनों और मास्टरमाइंड पर सख्त कानूनी शिकंजा क्यों नहीं कसा गया?

​पुलिस की छवि पर बट्टा और जनता का आक्रोश

​स्थानांतरित हो चुके चौकी प्रभारी पंकज त्यागी का यह कार्यकाल क्षेत्र में अपनी कार्यप्रणाली को लेकर लगातार विवादों में रहा है। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि इस तरह की कार्यवाहियां जनता की आंखों में धूल झोंकने के सिवा कुछ नहीं हैं। पुलिस जैसे अनुशासनप्रिय और कानून के रक्षक विभाग के भीतर इस तरह के मामलों में ढिलाई बरतना सीधे तौर पर खाकी की छवि पर बड़ा बट्टा लगा रहा है।

​निष्पक्ष जांच की उठी मांग

​घघौवा क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और स्थानीय ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि:

  1. ​रिधौरा गांव के खनन स्थल की वीडियोग्राफी और पैमाइश कराई जाए।
  2. ​इस खेल में संलिप्त जे.बी.सी. मालिकों, वाहन स्वामियों और संरक्षणदाताओं की संलिप्तता की गहराई से जांच हो।
  3. ​खनन के दौरान हुई राजस्व की क्षति और रॉयल्टी चोरी की भरपाई दोषियों से की जाए।

​यदि समय रहते इस मामले में पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि कानून के रखवाले ही अवैध कारोबार के संरक्षक बने बैठे हैं। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस तीखे सवालों के घेरे में आए प्रकरण पर क्या रुख अपनाता है।

इस लेख/पोस्टर में प्रकाशित सभी तथ्य, आरोप और सूचनाएं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी, प्राप्त दस्तावेजों तथा मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। इसका उद्देश्य किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत छवि को धूमिल करना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े गंभीर मामलों को उजागर करना है।

​इस खबर में उठाए गए सवालों, चौकी प्रभारी की भूमिका तथा अवैध खनन के मामलों की सत्यता की पुष्टि प्रशासनिक और उच्चस्तरीय जांच के बाद ही पूरी तरह संभव हो सकेगी। ‘वंदे भारत न्यूज़’ और रिपोर्टर अजीत मिश्रा (खोजी) का उद्देश्य निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता करना है। संबंधित विभाग या अधिकारियों को इस मामले में अपना पक्ष रखने का पूर्ण अधिकार है।

📣 शेयर करें: Facebook X Telegram LinkedIn लिंक कॉपी हो गया ✅

🔔 Vande Bharat News Alerts

नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।

संबंधित और ताज़ा खबरें

पैकोलिया में नशे का काला कारोबार: पुलिस की कथित सरपरस्ती और संलिप्तता पर उठे तीखे सवाल
Basti11 Sep

पैकोलिया में नशे का काला कारोबार: पुलिस की कथित सरपरस्ती और संलिप्तता पर उठे तीखे सवाल

पैकोलिया में नशे के अवैध कारोबार परवान पर: पुलिस की भूमिका पर उठ रहे गंभीर सवाल, बड़े तस्कर…

पूरी खबर पढ़ें →
वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के धमोरा के पास बुधवार की सुबह मिला था खडौवा के यूव्क का शव गला दबा क र की गई थी संविदाकर्मी की हत्या
Basti11 Sep

वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के धमोरा के पास बुधवार की सुबह मिला था खडौवा के यूव्क का शव गला दबा क र की गई थी संविदाकर्मी की हत्या

नगर बाज़ार (बस्ती) नगर क्षेत्र के खडोवा निवासी संविदाकर्मी यशवंत कुमार (26) की गला दबा क्र हत्या की…

पूरी खबर पढ़ें →
बस्ती: DIG संजीव त्यागी ने बेगम खैर गर्ल्स इंटर कॉलेज में छात्राओं को किया जागरूक, बोले- डरें नहीं, हेल्पलाइन 1090, 112 और 1930 है आपका हथियार
Basti11 Sep

बस्ती: DIG संजीव त्यागी ने बेगम खैर गर्ल्स इंटर कॉलेज में छात्राओं को किया जागरूक, बोले- डरें नहीं, हेल्पलाइन 1090, 112 और 1930 है आपका हथियार

जनपद बस्ती, 10 सितंबर 2026। मिशन शक्ति फेज-5.0 (II) और साइबर जागरूकता अभियान के तहत बृहस्पतिवार को कोतवाली…

पूरी खबर पढ़ें →
error: Content is protected !!