बस्ती में फर्जी फाइनेंसर बनकर राहगीरों की गाड़ियां लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो शातिर गिरफ्तार

अजीत मिश्रा (खोजी)
फर्जी फाइनेंसर बनकर राहगीरों को लूटने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार; मौत का खौफ दिखाकर छीनते थे गाड़ियां
- मौत का खौफ और कोडवर्ड के सहारे चलता था अवैध वसूली का काला खेल, स्विफ्ट कार व तीन मोटरसाइकिलें बरामद
- कप्तानगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई: वाहन छीनने वाले शातिर दबोचे गए, मास्टरमाइंड अभिषेक यादव समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज
- बिना वैध दस्तावेज और नोटिस के वाहन सीज करने वाले फर्जी फाइनेंसरों के खिलाफ कड़ा शिकंजा, बस्ती पुलिस की आमजन से सतर्क रहने की अपील
बस्ती, 09 सितंबर 2026 । उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर फर्जी फाइनेंसर के नाम पर राहगीरों से लूटपाट और वाहन जब्ती का खौफनाक खेल खेलने वाले एक अंतरजिला गिरोह का कप्तानगंज पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने जालसाजी और रंगदारी के इस सनसनीखेज मामले में दो शातिर आरोपियों को धर दबोचा है, जबकि उनके अन्य साथियों की तलाश तेज कर दी गई है। यह गिरोह सड़क पर चलने वाले बेकसूर वाहन चालकों को मौत का भय दिखाकर उनकी गाड़ियां छीन लेता था और फिरौती वसूलता था।
मौत का खौफ और कोडवर्ड से चलता था खेल
गिरोह के अपराधियों का दुस्साहस इस हद तक बढ़ा हुआ था कि वे वाहन स्वामियों को रोककर पहले पैसों की मांग करते थे। पैसा न मिलने पर वे वाहन मालिक को मृत्यु अथवा गंभीर चोट पहुंचाने की धमकी देते और जबरन गाड़ी अपने कब्जे में ले लेते थे। इसके बाद वाहन वापस करने के एवज में भारी रकम ऐंठी जाती थी।
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि वारदातों को अंजाम देने के लिए एक स्विफ्ट कार (UP51 BU 5308) का इस्तेमाल किया जाता था, जो अभिषेक यादव के नाम पर पंजीकृत है। गिरोह के संचालन के लिए एक विशेष कोड का इस्तेमाल होता था, जिसके जरिए अभिषेक यादव के निर्देश पर ही वाहनों को निशाना बनाया जाता था। बुधवार, 09 सितंबर 2026 को तड़के करीब 02:35 बजे रेहरवा-टिनिच मार्ग स्थित नहर पुलिया के पास पुलिस ने घेराबंदी कर इस गिरोह के दो गुर्गों को दबोच लिया, जबकि कार को मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी और फरार साथियों का कच्चा चिट्ठा
पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों की पहचान आदर्श सिंह (पुत्र निवासी हथिनाग, थाना वजीरगंज, जनपद गोंडा; उम्र करीब 23 वर्ष) और शशांक पाण्डेय (निवासी बैदोलिया, थाना कप्तानगंज, जनपद बस्ती; उम्र करीब 21 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर इन दोनों का आपराधिक इतिहास सामने आया है:
आदर्श सिंह: इसके खिलाफ गोंडा के कोतवाली नगर थाने में वर्ष 2023 का मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा कप्तानगंज थाने में दर्ज दोनों नए मामलों में भी यह मुख्य आरोपी है।
शशांक पाण्डेय: इसके खिलाफ वाल्टरगंज थाने में वर्ष 2023 और हर्रैया थाने में वर्ष 2025 के आपराधिक मामले दर्ज हैं। कप्तानगंज थाने के दोनों मुकदमों में भी इसकी संलिप्तता पाई गई है।
पुलिस पूछताछ में इन्होंने अपने अन्य साथियों विशाल भारद्वाज और अमन सिंह के नाम भी उगले हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
बरामद वाहन और सख्त कानूनी शिकंजा
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन वाहन बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल वारदातों में किया जा रहा था:
होंडा एक्सट्रीम मोटरसाइकिल (UP58 AJ 7456)
बजाय पल्सर मोटरसाइकिल (BR55 D 5814)
प्लटिना मोटरसाइकिल (UP51 BL 4244 – पूर्व में 07 सितंबर 2026 को बरामद)
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि 27 अगस्त 2026 को कप्तानगंज कस्बे में सीएचसी गेट के पास से होंडा एक्सट्रीम और बिहार निवासी संजय मेहता की पल्सर मोटरसाइकिल को जबरन छीना गया था। वहीं, 06 सितंबर 2026 को दुधौरा के जियो पेट्रोल पंप के पास से प्लैटिना मोटरसाइकिल को भय दिखाकर कब्जे में लिया गया था।
इन तमाम वारदातों के मद्देनजर कप्तानगंज थाने में मु0अ0सं0 238/2026 तथा मु0अ0सं0 241/2026 के तहत धारा 308(5), 317(2), 61(2) बीएनएस के अंतर्गत गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
पुलिस की कड़ी चेतावनी
बस्ती पुलिस ने आम जनमानस से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि बिना किसी वैध नोटिस या आधिकारिक दस्तावेजों के यदि कोई भी व्यक्ति सड़क पर गाड़ी जबरन कब्जे में लेने या धमकी देकर पैसे वसूलने का प्रयास करे, तो उसके झाંसे में बिल्कुल न आएं। ऐसे फर्जी फाइनेंसरों और लुटेरों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। इस शातिर गिरोह को पकड़ने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव, उपनिरीक्षक मो. रफी खान, उपनिरीक्षक अनिल कुमार त्रिपाठी और उनकी टीम के अन्य जांबाज पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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